कृषि मंत्री धनखड़ की मुसीबतें और बढ़ी, रैया गांव के लोगों ने कहा मुआवजा मिला तो ही बनने देंगे रीजनल सेंटर 

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Pradeep Dhankhar, Yuva Haryana

Jhajjar, 8 Dec, 2018

कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ की परेशानी चुनाव नजदीक आते- आते बढ़ती ही जा रही है। खुड़न गांव में किसान द्वारा आत्महत्या का मामला अभी ठंडा भी नही पड़ा था कि उनके हल्के के गांव रैया में बनने वाला रीजनल सेंटर उनके गले की फांस बन गया है। कृषि मंत्री सेंटर के लिए गांव की 105 एकड़ जमीन लीज पर लेना चाहते हैं, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जमीन के बदले या तो मुआवजा दिया जाए या फिर सरकारी नौकरी।

आज इसी बात को लेकर गांव में पंचायत भी की गई। हालांकि पंचायत में सरपंच या उनका कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। अब ग्रामीणों ने 16 दिसम्बर को गांव में पुनिया, गुलिया और चाहर खाप की पंचायत बुलाई है।

आपको बता दें कि करनाल के महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय द्वारा रैया गांव की 105 एकड़ पंचायती जमीन में रीजनल सेंटर बनाने की घोषणा 2016 में कृषि मंत्री ने की थी। अब इस पर काम शुरू होना था कि गांव के लोग विरोध में आ गए हैं। कृषि मंत्री गांव की जमीन को लीज पर लेकर सेंटर बनाना चाहते थे लेकिन लोगों की मांग है कि जमीन का मुआवजा देकर जमीन ली जाए या फिर गांव के बच्चों को इसमें नौकरी दी जाए।

रैया निवासी राजबीर ने बताया कि गांव लीज पर जमीन नहीं देगा। मंत्री चाहे तो सेन्टर कहीं और बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि 16 दिसम्बर को गांव में बड़ी पंचायत की जायेगी।

तो वहीं, अजय धनकड़ ने बताया कि सरकार जमीन पर कब्जा करना चाहती है। 16 को उसी जमीन पर पंचायत होगी। उन्होंने कहा कि गांव में प्रदेश सरकार के हर नुमाइंदे का विरोध किया जायेगा। सरपंच इस मामले में चुप है, इसलिए गांव सरपंच के भी खिलाफ है। अब देखना यह होगा कि कृषि मंत्री अपने लोगों के विरोध का सामना कैसे करते हैं।

 

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