इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दिये ये आदेश

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 02 August, 2018

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में जेल की सजा काट रहे ओपी चौटाला को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ओपी चौटाला को बचाव के लिए पुराने मामले के दस्तावेज और गवाहों को कोर्ट में बुलाने की अनुमति दी है।

ओपी चौटाला के खिलाफ यह मामला साल 1997 का है जब सिरसा के सदर डबवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था. इसमें जांच एंजेसी ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। वहीं अब जो मामला चल रहा है वो सीबीआई ने साल 2006 में दर्ज किया था।

जस्टिस संजीव सचदेवा ने ओपी चौटाला की अर्जी पर सुनवाई करते हुए 1997 में दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले के दस्तावेज, जांच अधिकारी, चौटाला गांव का राजस्व रिकॉर्ड, चौटाला के कृषि भूमि संबंधी कागजात और उनके सांझेदारी संबंधित दस्तावेज मंगाने की अनुमति दे दी है।

हालांकि इससे पहले निचली अदालत ने ओपी चौटाला की इस प्रकार की याचिका को नामंजूर कर दिया था। हाईकोर्ट के सामने ओपी चौटाला की तरफ से जिरह करते हुए वकील हर्ष शर्मा ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति का विचाराधीन केस सीबीआई ने साल 2006 में दर्ज किया था।

इस मामले में जांच के बाद चार्जशीट साल 2010 में दाखिल की गई थी. सीबीआई ने इस मामले में 106 गवाह भी पेश किये थे, इस मामले में गवाही होते-होते सात साल बीत गए। ओपी चौटाला का बयान भी अंत में करीब सात साल बाद साल 2018 में दर्ज हो सका।

इस मामले में ओपी चौटाला की तरफ से वकील ने केस में बचाव के लिए साल 1997 के केस के दस्तावेजों पर भी गिरह करने की जरुरत बताई थी। जिसके बाद पुनर्विचार याचिका को स्वीकार करते हुए यह दस्तावेज मंगाने और गवाहों को बुलाने की अनुमति दी गई है।

ओपी चौटाला के खिलाफ यह मामला उनके ही भाई प्रताप सिंह की शिकायत पर 17 जनवरी 1997 को डबवाली सदर थाने में दर्ज किया गया था। इसमें आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। लेकिन जांच के बाद मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा लेकिन फिर भी पुलिस की रिपोर्ट को खारिज नहीं किया गया सका था।

 

 

 

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