प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है बीजेपी – विशाल मुकीमपुरा

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Yuva Haryana

Kurukshetra, 15 July 2019

जननायक जनता पार्टी की छात्र इकाई इनसो के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विशाल मुकीमपुरा ने हरियाणा प्रदेश के कॉलेजों में चल रहे ऑनलाइन दाखिलों की त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय कर रही है। मेरिट के आधार पर युवाओं को दाखिले नहीं मिल रहे हैं और पांच-पांच कॉलेजों में आवेदन को लेकर उनसे भारी फीस वसूली जा रही है, जिससे लगता है सरकार ने शिक्षा के नाम पर प्रदेश के युवाओं को लूटने का गोरखधंधा अपना लिया है।

विशाल ने कहा कि प्रदेश में इस बार कॉलेजों में ऑनलाइन दाखिले के नाम पर विद्यार्थियों से 150 रुपये प्रति कॉलेज के हिसाब से पैसे ले लिए गए, लेकिन उनको कॉलेज एक ही अलॉट होना है और उन्हें एक कॉलेज में दाखिले में नाम आने पर अन्य कॉलेजों में नाम नहीं विचार किया जाता । यदि किसी विद्यार्थी ने 5 कॉलेजो में आवेदन किया है और किसी एक कॉलेज की मेरिट लिस्ट में छात्र का नाम आ जाता है तो बाकि 4 कॉलेज की मेरिट लिस्ट में विद्यार्थी का नाम नही आएगा, चाहे छात्र के नंबर उन कॉलेजों की मेरिट से अधिक अंक ही क्यों ना हो, ऐसे में अन्य चार कॉलेजों में प्रति विद्यार्थी 600 रुपये की वसूली गलत और अन्यायपूर्ण है। जबकि दिल्ली यूनिवर्सिटी में अगर एक छात्र ने एक साथ 10 कॉलेज के लिए आवेदन किया है तो उसका नाम 10 के 10 कॉलेज की मेरिट लिस्ट में आएगा और वह सबसे अच्छे कॉलेज और कोर्स में प्रवेश ले सकता है।

विशाल ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों को परेशान करने के लिए एक नहीं कई हथकंडे अपनाए गए, हरियाणा में छात्र को कॉलेज में दाखिला लेने के लिए फॉर्म भरना है और फिर उसके बाद कॉलेज में दस्तावेज चेक कराने हैं और अगर मेरिट लिस्ट में नाम आ जाए तो पहले फीस जमा करानी है और फिर दस्तावेज जमा कराने है लेकिन अगर दिल्ली यूनिवर्सिटी की बात करें तो वहाँ पर छात्र आवेदन करता है और फिर मेरिट लिस्ट आती हैं और मेरिट लिस्ट आने के बाद दस्तावेज चेक करने के बाद फीस जमा करा दी जाती है। पहले नियम था कि हरियाणा बोर्ड से बाहरवीं किये हुए छात्रों को वेरिफिकेशन नही करानी थी लेकिन अंतिम तिथि को प्रशासन की तरफ से नोटिस जारी किया गया कि हरियाणा बोर्ड वालो को भी वेरिफिकेशन करानी है जिसके चलते हरियाणा के छात्रों का नाम मेरिट सूची में नही आ सका। जिससे प्रदेश का युवा इस सरकार की शिक्षा विरोधी नीति के आगे लाचार और असहाय नजर आ रहा है।

विशाल ने यह भी बताया कि कॉलेजों की गलत ऑनलाइन प्रणाली के कारण जिस विद्यार्थी के अधिक अंक हैं, उनको दाखिला नहीं मिला, जबकि उनसे कम अंक वाले विद्यार्थियों का दाखिला उनसे अच्छे कॉलेजों में हो गया। यह हरियाणा के मेधावी विद्यार्थियों के साथ धोखा है। उच्चतर विभाग की ऑनलाइन दाखिला प्रणाली बिल्कुल फेल होकर रह गई है। पहली कट ऑफ लिस्ट में विद्यार्थी का नाम न आने पर उसे दूसरा कॉलेज भी अलॉट नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा को गर्त में पहुंचा रही इस सरकार को प्रदेश की जनता जड़ से उखाड़ फैकेंगी।

 

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