2014 में हारी हुई सीटों पर दांव खेलेगी भाजपा, शुरु की तैयारियां

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Yuva Haryana

Panchukal (25 March 2018)

2019 की तरफ बढ़ रहे हरियाणा में अब हरियाणा भाजपा की निगाह हारी हुई विधानसभा सीटें जीतने पर है। पिछले चुनाव में भाजपा को 47 सीटें मिली थीं, जबकि 43 सीटों पर हार हुई थी। इनमें करीब एक दर्जन सीटें ऐसी रही, जिन पर भाजपा की हार मात्र 500 से ढाई हजार वोट के अंतर से हुई थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश के बाद अब पार्टी ने मौजूदा मंत्रियों और विधायकों को हारी हुई विधानसभा सीटें जिताने की जिम्मेदारी सौंपी है।

हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या 47 है। एक बसपा और पांच आजाद विधायकों में से चार ने भाजपा सरकार को समर्थन दे रखा है। इनेलो के 19, अकाली दल का एक और कांग्रेस के 17 विधायक हैं। अकाली दल विधायक का समर्थन इनेलो के साथ है और एक इनेलो विधायक अलग-अलग अवसर पर भाजपा के साथ दिखाई देता है।

हरियाणा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव हालांकि अलग-अलग समय पर होंगे, लेकिन जिस तरह से भाजपा ने रोहतक, सिरसा और हिसार संसदीय सीटों को जीतने की रणनीति पर काम शुरू कर रखा है, ठीक उसी तरह से अब हारी हुईे 43 विधानसभा सीटें जीतने की कार्य योजना भी पार्टी और सरकार ने मिलकर बनाई है।

इसके लिए भाजपा के सभी 13 मंत्रियों, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला और विधायकों को हारे हुए हलकों में पहुंचकर मोर्चा संभालने के निर्देश दिए जा चुके हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जब सात माह पहले रोहतक आए थे, तभी वे सरकार और संगठन को इस काम की जिम्मेदारी सौंपकर गए थे, मगर पार्टी ने विधायकों की जिम्मेदारी अब जाकर लगाई है।

 

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