धान की फसल पर ब्लैक हॉपर का हमला, किसानों की फसल हो रही है तबाह

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Pradeep Dhankar, Yuva Haryana
Bahadurgarh, 20 Oct, 2018
धान की फसल पर एक बार फिर से ब्लैक हॉपर ने हमला कर दिया है। रस चूसने वाला हॉपर धान की जड़ को खत्म कर देता है जिसके कारण पौधा सूख जाता है। छुड़ानी गांव में कई किसानों के खेत में खड़ी धान की फसल ब्लैक हॉपर ने खराब कर दी है। ब्लैक हॉपर ने साल 2009 और 2013 में किसानों के पूरे खेत खराब कर दिये थे।
प्रदेश के कई इलाकों से धान की फसल मंडियों में आ चुकी है । लेकिन झज्जर और आसपास के इलाकों में धान की फसल पकाई पर ही आई है। इसी बीच किसानों के धान पर हॉपर नाम के कीट ने हमला कर दिया है। ब्लैक और ब्राउन हॉपर ने धान के खेतों में पैर पसारने शुरु कर दिये हैं। ये हॉपर नाम का कीट इतना खतरनाक है कि एक दिन में पूरे खेत का नष्ट कर देता है। छुड़ानी गांव में किसानों की कई एकड़ फसल को ब्लैक हॉपर ने खराब कर दिया है। लोगों ने अब हरे धान को कटवाना शुरु कर दिया है ताकि ब्लैक हॉपर से कुछ तो बचाव हो सके।
साल 2009 और 2013 में ब्लैक हॉपर ने किसानों के खेतों में लगभग पकी हुई फसल को नष्ट कर दिया था। हॉपर का प्रकोप खेत के बीच से शुरु होता है और 48 घंटे में ये पूरे खेत को खत्म कर देता है। खेत के बीच से बीमारी शुरू होने के कारण किसान को भी देर से पता चल पाता है। तब तक हॉपर का असर बढ़ चुका होता है।ये हॉपर धान की जड़ में बैठकर रस चूसता है जिससे पूरी फसल नष्ट हो जाती है। कृषि अधिकारी सुनील कौषिक ने किसानों को  दवाई छिड़काव की सलाह दी है। किसानों ने अपने स्तर पर भी दवा छिड़काव शुरू कर दिया है।
धान की फसल इस वक्त पकाई पर है कुछ दिनों बाद फसल पककर मंडियों में  भी पहुंच जायेगी। लेकिन इसके लिये किसानों को हॉपर का खात्मा करने के लिये जरूरी छिड़काव भी करना होगा। हॉपर नाम का ये कीट अक्सर पकाई के समय ही धान पर अटैक करता है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि हॉपर अभी प्रारम्भिक स्टेज पर है जिसका उपचार किया जा सकता है।लेकिन अगर इसकी अनदेखी की गई तो किसान की पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

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