हादसे में गंवाए दोनों पांव, लेकिन फिर भी कायम की मिसाल- जानिए कैसे

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Suman  Kashayap, Yuva Haryana

Haryana, 03-05-2018

अगर कुछ करने की चाह हो और हौंसले बुलंद हो, इंसान कुछ भी कर सकता है। फिर चाहे कितनी ही मुश्किलें क्यों न आएं।

जी हां, एक ऐसी ही मिसाल कायम की  है, रोहतक के कलानौर ब्लॉक की प्रीति ने। सड़क हादसे में दोनों पैर कट जाने के बावजूद भी प्रीति ने हिम्मत नहीं हारी और अस्पताल में ही बीए फस्ट समेस्टर की हिंदी की परीक्षा दी।

पीजीआई में उपचाराधीन प्रिती राजकीय महिला स्नाकोत्तर महाविद्यालय  से बीए कर रही हैं।

एक हादसे में प्रीति का एक पैर मौके पर ही कट गया था और दूसरा बुरी तरह से जख्मी हो गया था। लेकिन प्रीति ने जरा भी हार मानना जरा भी रास न था और उसने आगे बढ़ने की ठान ली।

1 मई से परीक्षा शुरू हो गई, उसे विश्वविद्यालय की तरफ से मिली हुई है और राइटर के साथ एक घंटे का समय भी दिया गया।मंगलवार को पीजीआई वार्ड के 12 में प्रीति ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर पेपर दिया।

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