हड़प्पा कालीन के टीलों पर बने घरो को तोड़ने गए प्रशासन को ग्रामीणों के विरोध के बाद वापिस लौटना पड़ा

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Ajay Lohan, Yuva Haryana

Rakhi Ghari

हड़प्पा संस्कृति के सबसे बड़े गांव राखी गढ़ी में मकानों को तोड़ने का मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जहां कोर्ट ने प्रशासन ने मकानों को तोड़ने के सख्त आदेश जारी किए हुए है वहीं ग्रामीण इसके विरोध के खड़े है। ग्रामीणों को सरकार की तरफ से दिया गया था कि मकान को टूटने नहीं दिया जाएगा। लेकिन कोर्ट के आदेश के आगे सरकार भी लाचार नजर आई।

वहीं कल मकानों को तोड़ने और किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचा था और सुबह सुबह मकानों को तोड़ने की कार्यवाही करनी शुरू कर दी। मकानों को तोड़ने की कार्यवाही शुरू होते ही ग्रामीण विरोध करने लगे लेकिन फिर भी प्रशासन ने 22 मकानों पर पिला पंजा चला ही दिया। जिसके बाद ग्रामीण इसके काफी विरोध कर रहे है।

कोर्ट के आदेश पर मकानों को तोड़ने के लिए कई बार प्रशासन कोशिश कर चुका है लेकिन हर बार उसको बेरंग लौटना पड़ा था। इस बार प्रशासन पूरे बल के साथ पहुंचा और पूरे गांव को देखते ही देखते छावनी में तब्दील कर दिया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने व मकानों को तोड़ने के लिए गांव राखी गढ़ी की हर गली व चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

सुबह 7 बजे जैसे ही प्रशासन की तरफ से मकानों को तोड़ने की कार्यवाही शुरू की तो ग्रामीण विरोध करने लग गए । लेकिन भारी प्रशासन के चलते ग्रामीण पीछे हट गए और प्रशासन ने 22 मकानों पर पिला पंजा चला दिया। जिसके बाद ग्रामीणो ने पूरजोर विरोध के चलते प्रशासन दो घंटे बात वापिस लौट गया था।

बता दें कि  करीब 5 हजार वर्ष पुरानी हड़प्पा संस्कृति के अवशेष राखी गढ़ी के टीलों में मिले हैं। इन अवशेषों को फिलहाल दिल्ली व पूना की डैक्कन यूनिवर्सिटी में रखे हुए हैं। वित्तमंत्री के प्रयासों से इस गांव में 25 करोड़ रुपयों की लागत से म्यूजियम के निर्माण का कार्य चल रहा है। सरकार इस गांव में पर्यटक स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। जिसका पूरा रोड़ मैप तैयार किया जा चुका है। टीलों के पास बने 201 मकान प्रशासन व सरकार के लिए सिर दर्द बने हुए हैं। अब 31 मई को हिसार जिला प्रशासन हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर रिपोर्ट पेश करेगा।

 

 

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