स्तन कैंसर रोगियों का इलाज है संभव, इलाज के लिए अपनाएं ये साधारण उपाय

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Yuva Haryana

देश भर में स्तन कैंसर की बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है। हाल ही में अगर देखे तो लगातार स्तन कैंसर के रोगियों में इजाफा हो रहा है। हालांकि अस्पतालों में इसका इलाज संभव है लेकिन फिर भी सावधानी में सबसे ज्यादा बचाव है।

Manpreet Badrain (Senior Clinical Nutritionist) ने बताया कि स्तन कैंसर की बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीमारी और इलाज व लक्षणों को लेकर उन्होने पूरी जानकारी युवा हरियाणा को दी है।

स्तन कैंसर:

स्तन कैंसर आज महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर रोग है। एक रिसर्च के मुताबिक पाया गया है कि मैट्रोपोलिटन शहरों में इस बीमारी का प्रकोप ज़्यादा है। इसमें जो रिस्क फैक्टर सबसे ज़्यादा निकल कर सामने आएं हैं उनमें स्तनपान, रहन सहन, बढ़ता मोटापा या बीएमआई है।

जानकारों के मुताबिक स्तन कैंसर वेस्ट टू हिप रेशिओ, खान पान, व्यायाम की कमी एवं सही समय पर स्क्रीनिंग व उचित समय पर डॉक्टर की सलाह ना लेना कुछ मुख्य वजह हैं। तो आइए जानते हैं इस हनिकारक व जानलेवा  बीमारी के बारे में ताकि हम अपनी माताओं, बहनों व हर उम्र की महिलाओं को सही समय पर जागरूक होकर देश व समाज को और तरक्की की ओर लेकर चलें तथा इस विश्व में और समृद्धि ला सकें।

 

जानिये कैसे होता है स्तन कैंसर ?

डॉक्टरों के मुताबिक जब शरीर की कोशिकाओं को विकास को नियंत्रित करने वाली जींस में मुटेशन होता है तब उससे कैंसर होता है। मुटेशन की वजह से कोशिकाएं अनियंत्रित व अव्यवस्थात्मक रुप से विभाजित होती हैं उनका गुणन होता है। कोशिकाएं गुणा करती जाती है जिससे स्वस्थ कोशिकाओं की बजाय असामान्य कोशिकाएं विकासित हो जाती है। इससे अधिकत्तर स्थितियों में परिणामस्वरुप ट्यूमर बन जाता है।

स्तन कैंसर में अनियंत्रित कैंसर कोशिकाएं स्वस्थ स्तन उत्तकों पर आक्रमण करना शुरु कर देती हैं और बाजू की लिंफ नोड्स तक भी पहुंच सकती है, तथा लिंफ नोड्स कैंसर कोशिकाओं को शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचाने का प्रमुख मार्ग है।

स्तन कैंसर के चरण:

स्तन कैंस की मुख्यत पांच चरण होती है जिसमें वो लगातार बढ़ती जाती है। इस प्रकार की बीमारी को पहले चरण में आसानी से रोका जा सकता है।

पहली स्टेजः इसमें जो कैंसर की कोशिकाएं केवल स्तन के डक्ट्स में रहती हैं व आसपास के उत्तकों तक नहीं पहुंचाती।

दूसरी स्टेजः इसमें ट्यूमर के आकार 2 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होता एवं कोई भी लिम्फ नॉड प्रभावित नहीं होती।

दूसरी स्टेज में दो अलग-अलग प्रकार होते हैं-

  1. ट्यूमर का आकार दो सेंटीमीटर से बड़ा नहीं होता किंतु लिम्फ नोड्स तक फैल जाता है।
  2. ट्यूमर साइज दो-5 सेंटीमीटर से तक है पर आसपास के उत्तकों तक नहीं फैला होता।

तीसरी स्टेजः इसमें ट्यूमर का आकार 5 सेंटीमीटर से बड़ा नहीं होता परंतु यह कैंसर आसपास के उत्तकों तक फैल चुका होता है। ऐसा भी हो सकता है कि कैंसर छाती या त्वचा तक फैला हो पर उत्तकों तक नहीं।

चौथी स्टेजः इस स्टेज में ट्यूमर किसी भी आकार का हो सकता है और यह पास और दूर दोनों तरह के लिम्फ नोड्स तक पहुंच चुका होता है।

 

स्तन कैंसर के लक्षण:

1. किसी प्रकार की गांठ का महसूस होना।

2. स्तन पर लाल पैचेस या लाल चकत्ते से पड़ना।

3. स्तनों में सूजन महसूस होना।

4. निप्पल से किसी प्रकार के द्रव्य(दूध के सिवा) या खून का रिसाव होना।

5. निपल्स का इन्वर्ट या अन्दर की तरफ मुड़ जाना।

6. बांह में सूजन या गांठ का बनना।

 स्तन कैंसर के कारण:

1. वक्त से पहले मासिक धर्म

(12साल की उम्र से पहले यदि मासिक धर्म शुरू हो जाएं तो स्तन कैंसर का खतरा और बढ़ता है )

2. जेनेटिक्स (आनुवंशिक विज्ञान)- जिन महिलाओं में BRCA 1,BRCA 1 नामक जीन्स होते हैं उनमें स्तन कैंसर होने का खतरा अधिक होता है।

3. अधिक उम्र में गर्भधारण करना(3० की उम्र के ऊपर)

4. स्तनपान ना कराना।

5. अत्यधिक वज़न का बढ़ना।

6. शराब का सेवन।

7.धूम्रपान करना।

8. अनियंत्रित जीवनशैली

9. 55 की उम्र के बाद मेनोपॉज होना।

स्तन कैंसर को रोकने के उपाय:

1. नियमित तौर पर अपना रेगुलर चेक अप कराएं। ज़रूरत पड़ने पर मम्मोग्रफी नाम के टेस्ट को कराने से झिझकें नहीं।

2. हररोज 1 घंटा व्यायाम व योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

3. नमक व अधिकतर प्रोसेसड फूड्स का सेवन कम करें।

4. अपनी डाइट में हरी सब्जियों व रंगीन फलों का सेवन अवश्य करें।

5.रेड मीट या गोश्त के ज़्यादा सेवन से बचें।

6. अधिक मात्रा में धूम्रपान व शराब का सेवन न करें।

7. सूरज के तेज़ किरणों के प्रभाव से बचें।

8. गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन अपने चिकित्सक से पूछे बिना न लें।

स्तन कैंसर से बचने के लिए डायट में शामिल करें इस आहार को जिनसे आपका शरीर रहे स्वस्थ एवं बीमारी रहित।

1. ग्रीन टी- इसमें बहुत ही उपयुक्त मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। हर रोज़ 2-3 कप ग्रीन टी का सेवन हितकारी है।

2. विटामिन डी का भी टेस्ट करवाएं।अगर इसकी कमी है तो विटामिन डी का सप्लीमेंट अपने चिकित्सक से पूछ कर अवश्य लें। इसके लिए दूध व दही का सेवन अवश्य करें। मशरूम व अंडा खाना भी फायदेमंद है।

3. विटामिन- सी

यह आपके इम्यून सिसटम को मज़बूत बनाता है। तथा स्तन कैंसर से भी बचाता है। अपनी डाइट में खट्टे फलों का नियमित सेवन करें।अमरूद, कीवी, संतरा, आंवला इत्यादि में भरपूर मात्रा में विटामिन- सी है तो डायट में इन फलों का ज़रूर सेवन करें।

4. ब्रोकली- यह एक एंटी- कैंसर न्यूट्रीशनल सब्ज़ी है। इसमें सल्फोराफन और फाइटोकेमिकल्स नामक तत्व है जो कि इसे गुणकारी बनाते हैं।हफ्ते में एक दफा ज़रूर करें ब्रोकली का सेवन।

5. फिश/मछली

सालमन नामक मछली में अधिक मात्रा में ओमेगा-3 पाया जाता है जो कि ब्रेस्ट/स्तन कैंसर से लड़ने में मदद करता है। जो महिलाएं शाकाहारी है वे अपनी डायट में अलसी के बीज का सेवन कर सकती हैं।

6. हरी पत्तेदार सब्जियां:

खासतौर पर पालक (इसमें भरपूर मात्रा में आयरन के साथ साथ विटामिन बी, फाइबर मौजूद है जो एस्ट्रोजेन को कम करने में मदद करता है, जिसके कम होने से स्तन कैंसर की कोशिकाएं नहीं पनपती। इसलिए हर घर में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन अवश्य होना चाहिए।

7. सेब व अनार: भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट होने के साथ साथ, फाइबर एवं अन्य कैंसर  विरोधी तत्व पाए जाते हैं। इसमें पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स स्तन कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं।हर रोज़ इं फलों का सेवन करना बहुत गुणकारी है।

8. मशरूम- इसमें एल- अर्गोथायोनाइन नामक एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो कि स्तन कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।

“Manpreet Badrain is a Senior Clinical Nutritionist with an overall experience in the field of health and Nutrition for more than 7 years. Specialised in bariatric Nutrition and expert in counselling patients with chronic Ailments like HEART Diseases,LIVER Diseases,KIDNEY Diseases,CANCER etc.Also well versed with counseling patients having metabolic disorders like diabetes, Thyroid disorders,PCOS. Active Member of Indian Dietetic Association. Associated with Careworld Heath channel and have done show called “Diet-talk” talking about the Health benefits of Various fruits and vegetables”

आप Nutritionistmanpreetbadrain@gmail.com पर मेल करके या फिर उनसे इस संपर्क सूत्र 011-41041055 पर सलाह ले सकते हैं।

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