स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा रिश्वत लेने का मामला, 1 लाख में किया गया लोगों के स्वास्थ्य का सौदा

Breaking अनहोनी चर्चा में बड़ी ख़बरें हरियाणा हरियाणा विशेष

Dinesh Kumar, Yuva Haryana

Faridabad, 10 Dec, 2018

फरीदाबाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम किस कदर लोगों के स्वास्थ्य से चंद रुपयों की खातिर खिलवाड़ कर रही है, आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते। दरअसल, मामला दीवाली से पहले शहर में की गई मिठाईयों और खादय सामिग्री के गोदामों पर छापेमारी के दौरान का है।

जब एन आई टी फरीदाबाद की पर्वतीय कॉलोनी के एक रसगुल्ले बनाने वाले गोदाम पर स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी की थी, जहां उन रसगुल्लो में मच्छर, मक्खी व कीड़े पाए गए थे ,जो कि इंसानो के खाने की तो बात दूर जानवरो के खाने लायक भी नहीं थे और ये भी पता चला की ये सभी गोदाम बिना लाइसेंस के चल रहे थे।

जिस के चलते मामला पुलिस चौकी तक भी पहुंच गया था। डॉक्टरों ने कहा था कि ये काम बिना लाइसेंस चल रहा है जो की गैर कानूनी है इसे तुरंत बंद कराया जायेगा और जैसे ही इन सेम्पलों की रिपोर्ट आएगी, तो इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

इस छापेमारी में डाक्टर संजीव भगत, बल्लभगढ सिविल अस्पताल के एसएमओ डाक्टर मानसिंह सहित कई डाक्टरों की टीम मौजूद थी।
मगर हैरानी की बात तो ये हैं कि दिवाली को गुजरे महीना हो गया लेकिन ना तो गोदाम बंद हुए, ना ही उनके ऊपर कोई कानूनी कार्यवाही हुई।

हद तो उस वक्त हो गई जब मीडिया द्वारा फिर से रसगुल्ले के गोदाम पर रियलिटी चैक किया गया, तो चौंकाने वाला मामला सामने आया। खुद गोदाम मालिक ने सीना चौड़ा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की वह कार्यवाही तो सिर्फ पैसे लेने के लिये थी, उन्होंने डाक्टरों को 1 लाख रुपये रिश्वत दी और गोदाम को फिर से खोल लिया। अब न तो सैंपलो की रिपोर्ट आयेगी और न ही डॉक्टर।

वहीं जब स्वास्थ्य विभाग टीम में डॉक्टर संजीव भगत से बात की तो डॉक्टर साहब ने स्वास्थ्य विभाग की टीम पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *