पालने में असमर्थ दिव्यांग पिता बेटी को छोड़ गया था आश्रम, 11 साल बाद भाई ने बहन को ढूंढा

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Yuva Haryana

Panipat, 5 April, 2019

भाई बहन का अटूट रिश्ता प्यार और विश्वास की नींव पर बनता है। अगर बहन के प्रति भाई का सच्चा प्यार हो तो वह किसी भी बाधा को लांग सकता है। ऐसा ही कुछ इंद्री निवासी के एक युवक ने कर दिखाया है।

बता दें कि पालने में असमर्थ दिव्यांग पिता बच्ची को करनाल के एमडीडी आश्रम में छोड़ गया था। मां तो जन्म देते ही कहीं चली गई थी। उसका एक चचेरा भाई है, जो हर वक्त अपनी बहन के बारे में सोचता रहता था और घर में लाने का विचार करता था। आज उसने अपनी बहने को ढूंढ लिया है और वह 6 साल की बच्ची अब  17 साल को चुकी है।

बच्ची के पैदा होने के कुछ समय बाद मां उसे छोड़कर चली गई। पिता दिव्यांग था, जब उसे बच्ची के साथ गुजारा करना मुश्किल लगा, तो वह उसे आश्रम में छोड़कर चला गया।

चचेरे भाई की तमन्ना थी कि वह सभी परिवार वालों के साथ रहे। उसने अंबाला, पानीपत और जहां भी जानकारी मिली, वहां बहन की खोज करनी शुरू की।

इसी दौरान उसे पता चला कि उसकी बहन करनाल के एमडीडी आश्रम में है। भाई ने आश्रम के संचालकों को दस्तावेज दिखाकर साबित किया  कि वह बच्ची का चचेरा भाई है।

जिसके बाद बहन को भाई से मिलाया गया और बच्ची ने भी घर जाने की इच्छा जाहिर की।

बच्ची अब दसवीं कक्षा में पढ़ रही है। उसे संगीत व नृत्य का शौक है। बच्ची ने  चंडीगढ़ में हरियाणवी लोकनृत्य में पहला स्थान हासिल किया है। उसने बताया कि परिवार से मिलने की उसे काफी खुशी है।

 

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