सरकार बनते ही किसानों का कर्जा माफ, पेंशन भी होगी 3 हजार – भूपेंद्र सिंह हुड्डा

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Tohana, 22 July, 2018

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जनक्रांति यात्रा के चौथे चरण की शुरुआत आज पंजाब सीमा से सटे हुए टोहाना कस्बे की अनाज मंडी से हुई । आज सुबह हुई बारिश के बावजूद, जनक्रांति यात्रा में भीड़ से गदगद हुड्डा ने प्रदेश की जनता से वायदा किया कि यदि भविष्य में उनकी सरकार बनीं तो वे प्रदेश में बिजली के रेट आधे कर देंगें I।

इस बारे में उन्होंने नारा दिया “करेंगे एक ख़ास काम, पूरी बिजली आधे दाम” उन्होंने कहा कि सारा हरियाणा जानता है कि वे कभी झूठा वायदा नहीं करते । पिछली बार भी उन्होंने हरियाणा की जनता के 1600 करोड़ के बिजली के बिल माफ़ किए थे जो वायदा किसी और का था । भाजपा का वायदा था कि बिजली 24 घंटे मिलेगी लेकिन असल में ग्रामीण अंचल में 1 हफ्ते में 24 घंटे बिजली मिलती है ।

उन्होंने किसानों से वायदा किया कि सत्ता में आने पर “कांग्रेस का नारा है, कर्जा माफ़ तुम्हारा है” इसके साथ ही उन्होंने पिछली बार की तर्ज पर किसानों तथा गरीबों के कर्जे माफ़ करने की भी घोषणा की ।

केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य को किसानों के साथ एक धोखा बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धान तथा नरमा (कपास) का इलाक़ा है ।सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने का दावा करते हुए धान का समर्थन मूल्य 1750 तथा कपास का 5150 रुपए प्रति क्विंटल घोषित कर के अपनी पीठ थपथपा रही है कि उसने लागत पर 50 प्रतिशत लाभ देकर समर्थन मूल्य तय किया है । प्रदेश के किसान को आज भी याद है कि कांग्रेस की शासन में उसका धान 5000 रुपए तथा नरमा 7500 रूपए प्रति क्विंटल से ऊपर बिका। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन की असली रिपोर्ट सही मायने में उनकी सरकार ही लागू करेगी ।

तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद बुढ़ापा पेंशन को बढ़ा कर 3000 रुपए प्रति माह कर दिया जाएगा ।

राजनीति से हटकर हुड्डा ने आज एक ज्वलंत सामाजिक मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने नौजवानों से अपील की कि वह इससे दूर रहें अन्यथा उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा ।

हुड्डा ने सरदार परमवीर सिंह, प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा,रणधीर और जरनैल सिंह का सराहना करते हुए कहा कि ये तीनों जब मेरे पास आए हमेशा अपने हल्के की सार्वजनिक समस्याओं के निदान के लिए आए, वह कभी भी व्यक्तिगत हित की बात नहीं की |

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