नक्सलियों से लोहा लेते शहीद हुए भिवानी के लाल सहायक कमांडेंट गजेन्द्र, गांव के पहले शहीद

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गांव खरक कलां के बीएसएफ में सहायक कमांडेंट गजेन्द्र नक्सली एन्काउंटर में ब्लास्ट के दौरान शहीद हो गये। खरक कलां गांव में मातम पसर गया है क्योंकि गांव का पहला जवान शहीद हुआ है।

साल 1996 में बीएसएफ में सीधी भर्ती से एसआई भर्ती हुए गांव खरककलां निवासी गजेन्द्र के पिता भी सेना में नायस सूबेदार के पद पर थे तथा भारत-पाक-भारत चीन व दूसरे युद्धों में भी उन्होंने देश की ओर से लड़ाई लडी। मगर उनका बेटा अपने ही देश में नक्सलियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गया। गजेन्द्र के पिता मोतीराम के भी पांच भाई हैं जिनमें मोतीराम सेना में थे तो दो भाई हरियाणा पुलिस में व दो खेती बाड़ी करते है, लेकिन उनके बेटे भी सेना में सेवाएं दे रहे हैं।

गजेन्द्र की मां का कहना था कि उन्होंने अपने बेटे को उसी दिन देश को समर्पित कर दिया था जब वो बीएसएफ में भर्ती हुआ था। तो वहीं गजेन्द्र की पत्नी मोनिका भी अपनी दो मासूम बेटियों को गोद मे लिए हुए जहां पति की वीरता पर गर्व कर रही थी तो उन दो दुधमुंही बच्चियों के भविष्य की चिंता भी खा रही है।

शादी के 17 साल बाद घर मे एक साथ दो बेटियों के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल होना लाजमी था मगर किसी को नहीं पता था कि खुशियों के मातम में बदलते देर नही लगेगी।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बुधवार को नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में बीएसएफ के सहायक कमांडेंट समेत दो जवान शहीद हो
शहीद कॉन्स्टेबल अमरेश कुमार बिहार के रहने वाले थे। दोनों बीएसएफ की 134वीं बटालियन में तैनात थे।

बस्तर रेंज के आईजी (पुलिस) विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि यह मुठभेड़ रावगाट थाने के किलेनार गांव के जंगल में शाम करीब चार बजे हुई। मुठभेड़ तब हुई जब बीएसएफ की 134वीं बटालियन और जिला बल की संयुक्त टीम के जवान नक्सल विरोधी अभियान पर थे।

उत्तर बस्तर रेंज पुलिस के डीआईजी रतन लाल डांगी ने बताया कि संयुक्त टीम ने मंगलवार को रायपुर से 250 किलोमीटर दूर रावघाट के भीतरी इलाके में नक्सलियों के खिलाफ इस ऑपरेशन को लांच किया था।

उन्होंने बताया कि जब पेट्रोलिंग टीम किलेनार के जंगल में 10 किलोमीटर भीतर थी तभी नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट के साथ अंधाधुंध फायरिंग की। संयुक्त टीम की जवाबी कार्रवाई में नक्सली भाग खड़े हुए। घटनास्थल पर तलाशी अभियान चलाने के लिए अतिरिक्त बल रवाना किए गए। शहीद सहायक कमांडेंट और जवान के शव लाए जा रहे हैं।