बाइक नहीं दिल पाए परिजन, तो अपनी साइकिल को ही बना दिया ऐसा कि 60 किलोमीटर से भर रही है तेज रफ्तार

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Hisar, 27 Nov, 2018

बचपन में हर बच्चे के अलग- अलग सपने होते हैं। हर कोई अपनी ख्वाहिशों को पूरा करना चाहता है। अधिकतर यह देखा गया है कि लड़कों में बाइक चलाने का काफी शौंक होता है। ऐसा ही कुछ हिसार के आशीष का सपना था, वह तेज रफ्तार से फर्राटा भरना चाहता था। इसके लिए आशीष ने अपने परिजनों से बाइक दिलवाने के लिए कहा।

लेकिन आशीष की उम्र कम (17) और पैसे की तंगी होने के कारण उसे बाइक नहीं दिलवाई। उसका लाइसेंस भी नहीं बनता। जिसके बाद आशीष ने अपने सपने को पूरा करने की ठानी और एक ऐसी साइकिल तैयार की जो किसी भी बाइक से टक्कर ले सकती है। जिसका नाम हाइब्रिड इलेक्टिकल साइकिल है।

आशीष ने बताया कि यह साइकिल 60 किलो. प्रति घंटे के हिसाब से चलेगी और यह दुनिया की सबसे तेज चलने वाली साइकिल है। इस साइकिल में रेस, इंडिकेटर, मीटर और ब्रेक भी हैं। इसके साथ ही इसकी बैटरी को एक बार चार्ज कर लो, तो यह 60 किलोमीटर तक चल सकती है।

गांव मोब्बतपुर निवासी आशीष फिलहाल जीजेयू में बीटेक मैकेनिकल प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। उसने बताया कि 8वीं कक्षा में अपनी साइकिल में मोटर लगाकर उसे इलेक्ट्रोनिक बनाने का प्रयास किया था, ताकि इसकी रफ्तार तेज हो सके। लेकिन यह फेल हो गया। दसवीं के बाद हिसार आकर भाई की साइकिल ले आया। ऑटो मार्किट में ले जाकर उस पर काम करना शुरू कर दिया।

इसके बाद पैसे खत्म हो गए, तो काम रोकना पड़ा। तीन महीने बाद भाई को साइकिल की जरूरत पड़ी, तो पहले जैसी बनाकर भाई को लौटा दी, लेकिन पता चला कि साइकिल से छेड़छाड़ की गई है और जमकर उसे डांट पड़ी। आशीष ने तब भी हार नहीं मानी और 2 साल तक पैसे इकट्ठे किए और 24 हजार जमा कर लिए।

आशीष बीटेक प्रथम वर्ष करने के लिए फिर हिसार आ गया और भाई की साइकिल ले आया। दोबारा से उसने काम शुरू किया और जरूरी सामान को खरीदा और साइकिल पर काम करने लगा। करीब 8 महीने बाद उसने यह साइकिल बनाकर तैयार की जो 60 किलो. प्रति घंटे के हिसाब से चलती है।

आशीष अब साइकिल को ऐसा बनाना चाहता है, कि पैंडल मारकर ही बैटरी चार्ज हो जाए। जिसके लिए वह काम कर रहा है।

 

 

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