चार तोले सोना निगल आवारा गया सांड, पूरा परिवार जुटा सेवा में

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Yuva Haryana
21 Oct, 2019

मामला बहुत ही दिलचस्प है जो आपको हैरान कर देगा आपको बता दें कि हरियाणा के कालांवाली के वार्ड नंबर 6 में खेत्रपालवाली में एक महिला ने सब्जियों के साथ सोना घर से बाहर फेंक दिया।  जिसको गली में घूम रहे आवारा सांड ने सब्जियों के साथ निगल लिया। पारिवारिक सदस्यों ने सोने के आभूषणों की तलाश की तो सीसीटीवी कैमरे जांच करने के बाद पता चला कि वह सोना आवारा सांड ने सब्जियों के साथ निगल लिया है।

परिवार के लोगों ने गलियों में घूमकर उस आवारा सांड की पहचान कर बड़ी मुश्किल से पकड़कर घर के पास खुली जगह पर बांध लिया और अब परिजनों की ओर से सांड को हरा-चारा, गुड़, केले खिलाकर गोबर के माध्यम से सोना निकलवाने के लिए काफी खातिरदारी कर रहे हैं।

जनकराज निवासी वार्ड नंबर 6 कालांवाली ने बताया कि शुक्रवार को उसका परिवार किसी फंक्शन से आया था। जिसके बाद उसकी पत्नी और पुत्रवधू सोने के ज्वैलरी उतारकर रसोई में रख दी और सो गए।

इस दौरान रसोई में सब्जी काटने पर छिलकों के नीचे सोने के ज्वैलरी वाली कटोरी छिप गई। जिसे उसकी बुजुर्ग मां ने उस सब्जी के छिलकों व अन्य बची सब्जियों व फल को गली में पशुओं के लिए बनाई जगह पर डाल दिया। जिसके कुछ मिनट बाद फिर जब उसकी मां गली में खड़ी थी तो उसकी नजर सोने चमकते पर पड़ी तो उन्होंने वहां से टप्स को उठाकर परिवार के लोगों को दिखाया तो उन्हें पता चला कि रसोई में तो उन्होंने सोने के ज्वैलरी रखी थी। लेकिन रसोई में जाकर देखा तो वहां पर ज्वैलरी नहीं थी।

इसके बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि सोने की ज्वैलरी सब्जियों के कचरे के साथ बाहर फेंक दी और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच में एक आधी पूंछ कटे सांड ने निगला हैं। इसके बाद परिजनों ने आधी पूंछ कटे होने की निशानी पर कई गलियों में सांड की तीन घंटे तलाश की।

अगले दिन साढ़े तीन बजे आवारा सांड किसी गली में खुली जगह पर बैठा हुआ मिला। जिसके बाद आवारा सांड को इंजेक्शन लगाकर कड़ी मुश्किल से घर के पास खाली प्लाट में लाकर बांधा गया और चिकित्सक के अनुसार सांड को हरा-चारा, गुड़, केले आदि खिलाकर गोबर के माध्यम से सोना निकलवाने के लिए काफी खातिरदारी की गई। लेकिन अभी तक सफलता न मिलने पर प्रयास जारी है।

पशु चिकित्सक ने बताये दो विकल्प

पशु चिकित्सक फतेहचंद ने बताया कि पशु के मुंह से होते हुए खाना तीन जगह पर जाता है। जिस दौरान पहले उसके मुंह से गले में और फिर गले से पेट में और पेट से पशु फिर उगाला करके मुंह में खाना लाने के बाद गोबर के रास्ते से बाहर आता है। पहले विकल्प के तौर पर पशु को हरा-चारा आदि खिलाकर गोबर के माध्यम से सोना निकाला जा सकता है।

दूसरे विकल्प के तौर पर हिसार के पशु अस्पताल में जाकर पहले उसके पेट का एक्स-रे करवाकर जांच करवा लो कि क्या उसके पेट में सोना है। यदि है तो ऑपरेशन के माध्यम से उसके पेट से सोना निकाला जा सकता है। लेकिन ऑपरेशन के बाद पशु की जान जाने का भी खतरा रहता है। जिस पर परिजनों ने कहा कि वह पहले विकल्प से ही सोने निकालने का प्रयास करेंगे।अगर फिर भी सोना नहीं निकलता तो वे दूसरे विकल्प का सहारा नहीं लेगें। क्योंकि वह नहीं चाहते कि सोने के लिए किसी पशु की जान जाए।

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