हरियाणा विधानसभा नहीं होगी भंग, कैबिनेट की बैठक में लिये कई फैसले

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 08 March, 2019

हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक खत्म हो गई है जिसके बाद बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि हरियाणा विधानसभा अभी भंग नहीं होगी और लोकसभा व विधानसभा चुनाव अपने-अपने समय पर होंगे।

कैबिनेट की बैठक में क्या-क्या लिए गए फैसले ?

1. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में आवास बोर्ड द्वारा विकसित कालोनियों, जो पालिकाओं को हस्तांतरित की जा चुकी हैं और अन्तिम विकास योजना में प्रकाशित कमर्शियल जोन के रूप में नामित क्षेत्र में स्थित हैं, में आवासीय से वाणिज्यिक उपयोग में अवैध परिवर्तन को नियमित करने की नीति को स्वीकृति प्रदान की गई। इसकी पहुंच  योजना के लेआउट प्लान के अनुसार होनी चाहिए। नियमित की जाने वाली प्रस्तावित संपत्ति को योजना के स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार इसके मूल आकार से उप-विभाजित न किया गया हो और संपत्ति के किसी और उप-विभाजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। भवन और पार्किंग की ग्राउंड कवरेज, फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की ऊंचाई की अनुमति हरियाणा बिल्डिंग कोड (समय-समय पर संशोधित) के अनुसार होगी। इसके अलावा, भवन को कम्पोजिशन पॉलिसी/ नियमों में निर्धारित अनुमति/संयोजनीय (कंपाउंडेबल) सीमाओं के अनुसार नियमित किया जाएगा और इस नीति के तहत अनुमति देने से पहले गैर-कंपाउंडेबल निर्माण को गिरा दिया जाएगा। इस नीति से लंबे समय से लंबित मुकद्दमेबाजी का निपटारा होगा और जनसाधारण को राहत मिलेगी। इसके अलावा, इन अवैध परिवर्तनों को नियमित करने से पालिकाओं को राजस्व भी मिलेगा।
2. मंत्रिमण्डल की बैठक में रोहतक-गोहाना रेलवे ट्रैक पर बनाए जा रहे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के रास्ते में पडऩे वाले मकानों/ दुकानों तथा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के साथ-साथ बनाए जाने वाले रोड के रास्ते पर पडऩे वाले मकानों/ दुकानों के पुनर्वास हेतु उत्तर हरियाणा बीजली वितरण निगम की 2177 वर्ग गज भूमि और पंडित भगवत दयाल शर्मा, स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, रोहतक की 7400 वर्ग गज भूमि के हस्तांतरण को स्वीकृति प्रदान की गई। नगरनिगम, रोहतक को जमीन के इन दोनों टुकड़ों के हस्तांतरण के बाद नगर निगम द्वारा यह योजना सभी सम्बंधित भूमि मालिकों से लिखित सहमति प्राप्त करने तथा निर्धारित कानूनी प्रकिया का पालन करने उपरांत ही लागू की जाएगी।
3. छोटे एवं सीमांत किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए, हरियाणा सरकार ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत विभिन्न प्रकार के ऋण समझौतों पर लिए जाने वाले 2000 रुपये के स्टाम्प शुल्क को हटाने का फैसला किया है। 1.60 लाख रुपये तक का ऋण लेने पर छोटे एवं सीमांत किसानों, हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की अपनी योजनाओं के तहत बैंकों को प्रायोजित महिला लाभार्थियों, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों और हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा बैंकों को ऋण के लिए प्रायोजित गरीबी रेखा से नीचे के लाभार्थियों/परिवारों को स्टाम्प ड्यूटी की छूट दी जाएगी।
4. मंत्रिमण्डल की बैठक में हिसार में डेरियों के स्थानांतरण के लिए नगर निगम, हिसार को जमीन उपलब्ध कराने के पशुपालन एवं डेरी विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

हिसार के बाहरी इलाके में रेवेन्यू एस्टेट, बीड़, हिसार में स्थित 50 एकड़ भूमि, जो हिसार के दक्षिणी बाईपास के करीब है, पर एक डेरी प्लाजा (फूड प्लाजा की तरह) बनाया जाएगा और उस जमीन पर सभी डेरियों को स्थानांतरित किया जाएगा।
5. मंत्रिमंडल की बैठक में औद्योगिक लाइसेंसिंग नीति, 2015 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में, वेयरहाउसिंग उद्योग की परिभाषा के तहत शामिल नहीं है और यह औद्योगिक टाउनशिप में 10 प्रतिशत तक सीमित है। लेकिन अब नीति में संशोधन के बाद, कॉलोनी की स्थापना के उद्देश्य के लिए ऐसी वेयरहाउसिंग इकाइयों को उद्योग का हिस्सा माना जा सकता है। किसी भी औद्योगिक इकाई में कॉलोनी के किसी हिस्से में या पर्याप्त मांग पर समस्त कॉलोनी को वेयरहाउसिंग के लिए प्लॉट्स के रूप में विकसित किया जा सकता है। लाइसेंस शुल्क में कोई परिवर्तन नहीं होगा। हालांकि, कृषि उत्पाद के अलावा, वेयरहाउस पर लागू परिवर्ततन शुल्क लगाया जाएगा। लाइसेंस के लिए आवेदन जमा करने के समय कॉलोनाइजर को वेयरहाउस के लिए प्लाट्स के प्रावधान के साथ उसके औचित्य के संबंध में एक प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। वेयरहाउस के प्लाट्स के एफएआर को मौजूदा 0.75 से बढ़ाकर 1.25 तक करने की अनुमति दी जाएगी। कॉलोनाइजर को पूरी औद्योगिक कॉलोनी में अवसंरचना सुविधाओं को पूरा करना होगा और आवासीय और वाणिज्यिक उपयोग के तहत बनाई गई सुविधा पर कब्जा लेने की अनुमति से पहले उसे औद्योगिक प्लॉट कॉलोनी के मामले में प्लाटिड औद्योगिक क्षेत्र या फ्लैटिड औद्योगिक कॉलोनी के मामले में अनुज्ञे एफएआर का कम से कम एक-तिहाई आवंटित करना होगा। डीनोटिफाइड एसईजेड में औद्योगिक कॉलोनी के विकास के लिए, मंत्रिमंडल ने उन सभी को छ: महीने का अंतिम अवसर देने का फैसला किया है, जो इस नीति का लाभ उठाना चाहते हैं। हालांकि, पात्र उम्मीदवारों को छ: महीने की उक्त विस्तारित अवधि के भीतर आवेदन करने की आवश्यकता होगी (चाहे डिनोटिफाइड हो या डिनोटिफाइड होने जा रहा हो) और ऐसा करने में विफल रहने पर यह अवसर नहीं दिया जाएगा। आवासीय औद्योगिक घटक का न्यूनतम 75 प्रतिशत किफायती औद्योगिक आवासों के लिए निर्धारित किया जाएगा, जिनमें से 60 प्रतिशत क्षेत्र 90 वर्ग मीटर के अधिकतम कारपेट क्षेत्र वाले फ्लैटों के लिए और शेष 40 प्रतिशत क्षेत्र 60 वर्ग मीटर के अधिकतम कारपेट क्षेत्र वाले फ्लैटों के लिए निर्धारित किया जाएगा। ऐसे शहर, जहां दीनदयाल जन आवास योजना-2016 लागू है, में औद्योगिक कॉलोनियों में औद्योगिक आवास के तहत औद्योगिक श्रमिकों को दीनदयाल जन आवास योजना नीति के विकल्प का लाभ उठाने का अवसर दिया जाएगा ताकि उन्हें सस्ती दरों पर किफायती आवास उपलब्ध कराया जा सके।
6. मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सौर ऊर्जा नीति-2016 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधन के तहत, सभी कैप्टिव सौर ऊर्जा परियोजनाओं, जिन्होंने 13 फरवरी, 2019 तक ऐसी कैप्टिव सौर ऊर्जा परियोजना के पंजीकरण के लिए हरेडा को आवेदन किए हैं, भूमि खरीदी है या 30 वर्ष के लिए पट्टे पर जमीन ली है और उपकरण और मशीनरी खरीदी है या  उपकरणों और मशीनरी की खरीद के लिए कम से कम एक करोड़ रुपये प्रति मेगावाट का निवेश किया है, को ऐसी परियोजनाओं के शुरू होने की तिथि से 10 वर्ष के लिए व्हीलिंग और ट्रांसमिशन शुल्क से छूट होगी, जबकि कैप्टिव सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए क्रॉस सब्सिडी अधिभार और अतिरिक्त अधिभार लागू नहीं होगा।तीसरे पक्ष की बिक्री के लिए स्थापित सौर ऊर्जा परियोजना के लिए व्हीलिंग और ट्रांसमिशन शुल्क, क्रॉस सब्सिडी अधिभार और अतिरिक्त अधिभार से कोई छूट नहीं होगी।
7. मंत्रिमंडल की बैठक में श्री कृष्ण गोपाल सेवा समिति, नगर समिति, चीका को गौशाला के निर्माण के लिए पाँच एकड़ भूमि की बिक्री से सम्बन्धित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
8. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नगर निगम, गुरुग्राम की 1500 वर्ग  मीटर भूमि पेट्रोल पम्प के रिटेल-आऊटलेट के लिए भारतीय तेल निगम लिमिटेड को 30 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर देने की स्वीकृति प्रदान की गई।
9. मंत्रिमंडल की बैठक में कॉलोनी और परियोजनाओं के व्यक्तिगत लाइसेंसों पर ट्रांसिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति तथा अन्य संबंधित नीतियों की प्रयोज्यता को अनुमति देने की स्वीकृति प्रदान की गई,  बशर्ते आवेदक लाइसेंस प्राप्त भूमि पर केवल अतिरिक्त लाइसेंस प्राप्त क्षेत्र पर टीओडी लाभ प्राप्त करना चाहता हो। कोई भी व्यक्ति जो ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जोन में कॉलोनी स्थापित करना चाहता है, उसके पास केवल 15 प्रतिशत की सीमा तक एफएआर के उपयोग का विकल्प है। हालांकि, मौजूदा लाइसेंस के मामले में, इस सीमा को उस सीमा तक अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करके न्यूनतम 0.5 एफएआर लेने के विकल्प के साथ उदारीकृत किया गया है, जो यह मुद्दा उठाता है कि  उस परियोजना में व्यक्गित लाइसेंस पर एक से अधिक लाइसेंस या कॉलोनाइजर द्वारा  परियोजना की समस्त क्षेत्र पर न्यूनतम 0.5 एफएआर प्राप्त किया जाना है। मंत्रिमण्डल ने आवेदक द्वारा लाइसेंस प्राप्त भूमि पर केवल अतिरिक्त लाइसेंस प्राप्त क्षेत्र पर टीओडी लाभ प्राप्त करने के मामले में कॉलोनी और परियोजनाओं के व्यक्तिगत लाइसेंसों पर ट्रांसिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति तथा अन्य संबंधित नीतियों की प्रयोज्यता को अनुमति देने की स्वीकृति प्रदान की है।

कॉलोनी में लाइसेंस के लिए आवेदन टीओडी नीति के तहत लाभ लेने के लिए अनिवार्य नहीं होगा। यदि कॉलोनी में कई लाइसेंस शामिल हैं तो टीओडी नीति के तहत विशेष लाइसेंस/ लाइसेंसों में शामिल क्षेत्र के लिए पूर्ण शतप्रतिशत लागू दरों पर लाभ की अनुमति दी जाएगी।
सम्बन्धित क्षेत्र जिसके लिए पूर्ण लागू दरों पर टीओडी नीति के तहत लाभ लिया गया है, उसका उपयोग अनुमोदित संयुक्त लेआउट/लाइसेंसिंग के समूह की ज़ोनिंग योजना में किया जा सकता है, बशर्तें कि 28 जनवरी,2013 की नीति में निर्धारित शर्तों  एवं प्रक्रियाओं की पूरा किया गया हो।

 

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