हरियाणा के सरकारी दफ्तरों में जातिवाद का जहर, पुलिस थाने में सीनियर अधिकारी करते थे तंग, अब दुनियां से तोड़ा नाता

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Yuva Haryana
Gurugram, 22March, 2018

हरियाणा के सरकारी दफ्तरों में भी जातिवाद का जहर किस प्रकार से घुल रहा है, इसकी एक बानगी गुरुग्राम में देखने हो मिली. यहां पर थाने में तैनात स्पेशल पुलिस अफसर ने अपने सीनियर अधिकारियों पर जाति के आधार पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। लेकिन अब वो आरोप लगाने के बाद इस दुनियां को अलविदा कह गया ।

पीड़ित एसपीओ विनोद कुमार की आज अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई, इससे पहले वह बीमार पड़ गया था।

बताया जा रहा है कि मृतक विनोद कुमार ने नौ मार्च को डीजीपी को पत्र लिखकर अपने दस सीनियर अधिकारियों पर आरोप लगाए थे. इनमें सिविल थाना प्रभारी नरेंद्र खटाना शामिल हैं।

विनोद कुमार ने डीजीपी को भेजे अपने पत्र में लिखा था कि नरेंद्र खटाना, गजराज खटाना, एएसआई बणी सिंह, हैंड कॉन्स्टेंबल कृष्ण, कप्तान सिंह, कंमाडो संदीप, जनरैल, हैड कॉन्स्टेबल संदीप कुमार, एसएचओ के ड्राईवर और दो अन्य एसपीओ जोगेंद्र और जगबीर सिंह ने प्रताड़ित किया था. और आत्महत्या के लिए ये लोग जिम्मेवार हैं।

जिस दिन विनोद कुमार की मौत हुई उसी दिन यह पत्र पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार को मिला था।

पत्र में लिखा गया है कि मेरे सीनियर हमेशा कहते थे कि वो जाति के आधार पर उससे बड़े हैं. पत्र में लिखा गया है कि पोस्ट के हिसाब से सीनियर कोई भी हो लेकिन जाति के हिसाब से वो उसके असली बॉस हैं।

विनोद कुमार ने लिखा है कभी मेरे बैरक में पेसाब से भरी बोतल या फिर शराब की बोतल रख दी जाती थी. मैंने इसके लिए कई बार उनसे कहा भी था लेकिन वो नहीं माने ।

पत्र में आगे लिखा है कि मैं पिछले महीने से अपनी मां और पत्नी की बीमारी से परेशान हूं मैं अब और प्रताड़ना सहन नहीं कर सकता, अगर ऐसा ही चलता रहा तो मैं खुदकुशी कर लूंगा और इसके लिए ये सब लोग जिम्मेदार होंगे।

पत्र की एक कॉपी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भी भेजी गई जिसमें विनोद कुमार ने तबादले की मांग की थी।

मृतक विनोद कुमार के परिजनों का कहना है कि घर में विनोद कुमार अकेला कमाने वाला था. अगर हरियाणा पुलिस ने आरोपियों को सजा नहीं दी तो पूरा परिवार पुलिस कमिश्नर के दफ्तर के सामने भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।

वहीं इस मामले में पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार ने बताया कि इस मामले में पहले से ही जांच के आदेश जारी कर दिये गए हैं. इसमें एसीपी रैंक के अधिकारी जांच कर रहे हैं. कोई भी अगर दोषी पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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