पशुओं को खुले में छोड़ने वालों पर होगा एक्शन, 26 जनवरी तक आवारा पशु मुक्त राज्य बनाने की योजना

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 19 Sept, 2018

हरियाणा को आगामी 26 जनवरी, 2019 तक आवारा पशु मुक्त राज्य बनाया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने गत देर सायं राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधिक्षकों व जिला के अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रैंस के माध्यम से विभिन्न विकास कार्यों, योजनाओं और परियोजनाओं बारे समीक्षा बैठक के दौरान दी।

उन्होंने कहा कि जिन-जिन जिलों में इस योजना के तहत अच्छा कार्य किया गया है, उसे ध्यान में रखते हुए आगे की कार्य योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पशु सड़कों पर घूम रहे हैं, उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए और जुर्माना किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमन्त्री के सख्त निर्देश हैं कि राज्य को आवारा पशु मुक्त बनाने के लिए गलत कार्य करने वाले व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। आवारा पशु प्रबंधन योजना की समीक्षा करते हुए डॉ० गुप्ता ने सम्बन्धित अधिकारियों से कहा कि वे इस योजना के तहत हर माह चर्चा करेंगे।

बैठक में हरियाणा विजन जीरो योजना के तहत डॉ० राकेश गुप्ता ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों को सु‌रक्षित आवागमन देने के लिए सड़कों का ऑडिट, पेड़ हटवाना व पेंट इत्यादि करवाया जाए ताकि विजिबिलिटी ठीक हो। उन्होंने संबंधि नोडल अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर कार्य करें और निर्धारित अवधि के दौरान संबंधित उपायुक्त की बैठक में जरूर शामिल हों।

जीरो टोलरेंस की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अंबाला, कुरुक्षेत्र और सोनीपत में अच्छा कार्य हुआ है लेकिन पानीपत में कार्य में कुछ कमी आई है, इसे सुधारा जाना चाहिए। इसी प्रकार गुरुग्राम में भी जीरो टोलरेंस को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने गुरुग्राम के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपना कार्य समय पर पूरा करें अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सड़क सुरक्षा से संबंधित चर्चा पर अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन जिलों में ट्रैफिक कंट्रोल रूम व सीसीटीवी नहीं लगे हैं, वे जल्द से जल्द अपने यहां ट्रैफिक कंट्रोल रूम को स्थापित करें और उन्हें संचालित करें। उन्होंने कहा कि राज्य के चुनिंदा 12 जिलों में ई-चालान और ई-पेमैंट की सुविधा शुरू की जाएगी और इसे सफलता प्राप्त होने के पश्चात अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में डीसीपी ट्रैफिक नोडल अधिका‌री होंगे।

बैठक में उन्होंने जागृति अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमन्त्री चाहते हैं कि इस अभियान के तहत जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट व शौचालयों का कार्य पूरा कर लिया जाए तथा परिवहन विभाग के कर्मियों को महिलाओं के प्रति व्यवाहार के बारे में प्रशिक्षण दिया जाए।

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