CBI ने बढ़ाई हुड्डा की मुश्किलें, एक और चार्जशीट तैयार

Breaking बड़ी ख़बरें हरियाणा

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर शिकंजा कसने के लिए अब CBI ने जांचों का जाल बिछा दिया है। मानसेर जमीन प्रकरण की चार्जशीट दाखिल करने के बाद अब CBI टीम जल्द ही पंचकूला के औद्योगिक प्लाट आबंटन मामले की चार्जशीट भी दाखिल कर सकती है।

इस मामले में जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अगले कुछ दिनों में इस प्रकरण की चार्जशीट भी पंचकूला की CBI कोर्ट में दायर की जाएगी।

क्या था पूरा मामला-

2011 में हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान पंचकूला में औद्योगिक प्लाट आबंटित करने के लिए आवेदन मांगे थे। यह प्लाट 496 स्केयर मीटर से लेकर 1280 स्केयर मीटर तक के थे। जिसकी एवज में हुडा के पास 582 आवेदन आए थे, जिनमें से अलॉटमैंट के लिए 14 का चयन किया गया था।

इस आबंटन में जमकर भाई-भतीजावाद हुआ था। अलॉटमैंट की शर्तें भी कुछ इस प्रकार की थीं कि राशि का भुगतान करने के बाद अलॉटी इन प्लाटों को बेच या गिफ्ट कर सकता है।
हुड्डा सरकार ने इन प्लाटों के आबंटन के लिए अंतिम समय पर नियमों में फेरबदल कर दिया था। नए नियमों के बारे में आम लोगों को पूरी तरह से जानकारी नहीं दी गई। जिन लोगों को प्लाट आबंटित किए गए केवल उन्हीं ने नए नियमों के तहत आवेदन किया था।

पंचकूला औद्योगिक प्लाट आबंटन की जांच में CBI अब कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। CBI ने अपनी जांच में पाया है कि हुड्डा सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर अपने चहेतों को प्लाट आबंटित किया। प्लाट आबंटन में न तो औद्योगिक घरानों का पैमाना देखा गया और न ही आबंटियों का बैकग्राऊंड।
सी.बी.आई. जांच में साफ है कि अधिकांश प्लाट धारकों की मंशा उद्योग लगाने की नहीं, बल्कि महंगे दामों पर प्लाट बेचकर कमाई करने की रही है। हालांकि इससे पूर्व विजीलैंस जांच में ही ये बात साफ हो गई थी कि पूर्व हुड्डा सरकार ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए रात को नियम बनाए और सुबह उन्हें लागू कर दिया, दोपहर में चहेतों को नए नियमों के तहत लाभ पहुंचा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *