कुलदीप बिश्नोई पर सीएम के बयान को लेकर बहस छिड़ी, रेणुका बिश्नोई ने दिया ये बड़ा बयान

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Vinod Saini, Yuva Haryana
Hisar, 25 June, 2018
कुलदीप बिश्नोई को भजनलाल का सपूत ना होने के सीएम खट्टर के बयान पर अब जुबानी बहस छिड़ गई है। अब कुलदीप बिश्नोई की पत्नी और हांसी से विधायक रेणुका बिश्नोई ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर सीधा हमला बोला है। उन्होने मुख्यमंत्री को मंदबुद्धि तक कह दिया।
रेणुका बिश्नोई ने कहा कि हजकां और भाजपा का गठबंधन चौधरी भजनलाल के स्वर्गवास के बाद हुआ था। उन्होने कहा कि चौधरी भजनलाल के का स्वर्गवास जून 2011 में हुआ था और इसके करीब तीन-चार महीने बाद हमारा बीजेपी के साथ गठबंधन हुआ था। इसलिए मुख्यमंत्री को अपना इतिहास और साहित्य की जानकारी ठीक कर लेनी चाहिए।

रेणुका बिश्नोई ने यह भी कहा कि अगर इससे पहले भी हमारी बीजेपी के साथ कोई बात हुई थी तो भी उस वक्त मनोहर लाल खट्टर की बैठक में बैठने की औकात नहीं थी।
रेणुका बिश्नोई ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर हरियाणा में अब तक के सबसे असफल मुख्यमंत्री साबित हुए हैं। उन्हें हरियाणा के सामाजिक, राजनीतिक और भूगोल का कोई ज्ञान नहीं है। 4 वर्षों में उन्होंने आदमपुर, हिसार सहित हरियाणा का न विकास किया और न ही युवाओं को रोजगार दिया। हर वर्ग उनकी सरकार के खिलाफ आंदोलनरत है। इसलिए उनके पास बोलने को कुछ नहीं था। असल मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए वे इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
उनके कार्यकाल में तीन बार हरियाणा को जलाया गया, जिसमें सैंकड़ों लोग मारे गए और भारी आर्थिक हानि जनता की हुई। मुख्यमंत्री को अगर इतनी ही हिसार जिले की चिंता है तो उनकी सरकार में हो रहे भेदभाव को दूर करके यहां की गई घोषणाओं को पूरी करवाए। मुख्यमंत्री ने आदमपुर में पिछले दौरे के दौरान 180 करोड़ रूपए की घोषणाएं की थी, जिनमें से 10 प्रतिशत भी पूरी नहीं हुई और कल एक बार फिर से झूठी घोषणाओं का अंबार लगाकर वे चले गए।
रेणुका बिश्नोई ने कहा कि प्रदेश भर से कराए गए सर्वे में जब मुख्यमंत्री को दिखा कि सभी 10 लोकसभा सीटों व विधानसभा से भाजपा का सफाया होने जा रहा है तो वे इतने बौखला गए कि निजी हमलों पर उतर आए। सपूत, कपूत की बात करना परिवार वालों को ही शोभा देता है, मुख्यमंत्री जैसे गरिमामयी पद पर होते हुए आदमपुर की महान धरती पर आकर ऐसी बयानबाजी मनोहर लाल खट्टर के मानसिक दिवालियएपन का सबूत है।
ये प्रदेश की जनता का दुर्भाग्य है कि उन्हें ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो इतिहास व तथ्यों की जानकारी न रखने वाला मंदबुद्धि है। उन्होंने कहा कि जो ज्ञानी होता है, उसे समझाया जा सकता है। जो अज्ञानी होता है, उसे भी समझाया जा सकता है, लेकिन मंदबुद्धि को कोई कैसे समझाए।

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