PGI में डॉक्टरों की कमी से तड़पते रहे बच्चे, पूर्व मंत्री की स्वास्थ्य मंत्री से फोन पर हुई कहासुनी

Breaking अनहोनी चर्चा में बड़ी ख़बरें सरकार-प्रशासन हरियाणा

Deepak Khokhar, Yuva Haryana
Rohtak, 30 April, 2018

रोहतक चरखी दादरी से दिल्ली रोड पर गांव अचिना ताल के समीप आज दोपहर निजी स्कूल व ट्राला की सीधी भिड़ंत हो गई. हादसे में बस परिचालक सहित चार स्कूली बच्चों की मौत हो गई. जबकि बस में सवार 18 बच्चे घायल हो गए. घायलों में बस चालक, ट्राला चालक सहित 14 बच्चों को रोहतक पीजीआई के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है. पीजीआई में एक तीन वर्षीय बच्ची ने रोहतक पीजीआई में दम तोड़ दिया. अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण बच्चे चिखते-चिल्लाते रहे।

निजी अस्पताल के चिकित्सकों को बुलाकर प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया. इस दौरान मीडियाकर्मियों ने घायलों का उपचार करवा रेफर करवाने में मदद की. अस्पताल में पहुंचे पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से फोन पर चिकित्सकों की कमी व सुविधाओं को लेकर काफी कहासुनी भी हुई. वही PGI के ट्रामा सेंटर में स्कूली बच्चों का हाल चाल जानने के लिए पहुंचे सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर तो दादरी के जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को लेकर पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से शिकायत की और कहासुनी हुई ।

हादसे में ये हुए घायल

स्कूल बस व ट्राला की टक्कर में घायल गांव अचीनाताल निवासी 8 वर्षीय हर्ष पुत्र सतीश, 9 वर्षीय इशांत पुत्र मदन, 9 वर्षीय नवीन पुत्र अशोक, 7 वर्षीय प्रतीक पत्र संदीप, 12 वर्षीय मुकुल पुत्र मदन, 15 वर्षीय अभिषेक पुत्र ब्रहमप्रकाश, 13 वर्षीय दीपाली पुत्री अशोक, 13 वर्षीय दक्ष पुत्र सुंदर, 13 वर्षीय दीक्षा पुत्री सुंदर, 14 वर्षीय अभिषेक पुत्र हवासिंह, 16 वर्षीय दीपक पुत्र कुलदीप, गांव भागेश्वरी निवासी 16 वर्षीय रोहित पुत्र योगेंद्र, बस चालक राजकुमार, 3 वर्षीय निकिता पुत्री प्रदीप व डंपर चालक करनाल निवासी अशोक को गंभीर हालत में रोहतक पीजीआई में रेफर किया गया है जबकि चार छात्रों का दादरी के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

जब पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान की स्वास्थ्य मंत्री व मंत्री मनीष ग्रोवर से हुई बहस

हादसे के बाद दादरी के सरकारी अस्पताल पहुंचे पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने फोन पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से बात की. इस दौरान उनकी मंत्री के साथ सुविधाओं को लेकर कहासुनी हुई. सांगवान ने कहा कि जिला स्तर का अस्पताल में चिकित्सकों की सुविधाओं की कमी के कारण कुछ बच्चों को बचाया जा सकता था. सरकार स्वयं ही नहीं चाहती कि दादरी क्षेत्र में सुविधाएं हों. दादरी में इतना बड़ा हादसा होने पर चिकित्सकों की कमी और सुविधाएं नहीं होने के कारण अधिकांश घायलों को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया. जिला स्तर का 100 बैड का सरकारी अस्पताल होने के बावजूद भी चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई. वहीं अस्पताल में सुविधाएं नहीं होने के कारण निजी वाहनों में रोहतक भेजा गया।

Read This News Also >>>>हरियाणा में स्कूल बस की ट्राले से टक्कर, दो बच्चों समेत 3 की दर्दनाक मौत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *