लापता तीनों छात्र अंबाला से बरामद, परिजनों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

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Yuva Haryana
Chandigarh, 04 Oct, 2018

फरीदाबाद से लापता हुए तीनों छात्रों को अंबाला से बरामद कर लिया गया है। इन तीनों छात्रों को सकुशल उनके परिजनों को सौंपा गया है।

आपको बताते चलें कि 3 अक्टूबर 2018 को घर से अमृतसर गोल्डन टैंपल देखने निकले टैंगोर स्कूल के आठवीं कक्षा के तीन बच्चों के लापता होने की खबर पर पुलिस ने तुरंत थाना सेक्टर 7 में मुकदमा दर्ज कर मामले को अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया।

पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लों ने तीन बच्चों की गुमशुदगी के मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत डीसीपी क्राइम , एसीपी सिटी बल्लभगढ़ को निर्देश देते हुए क्राइम ब्रांच, मिसिंग पर्सन सेल सहित 7 टीम तैयार की गई।

एसीपी सिटी बल्लभगढ़ के नेतृत्व में सभी टीमों ने तालमेल से कार्य करते हुए पुलिस ने मात्र छह घंटे में अंबाला कैंट से तीनों बच्चों को तलाश कर बरामद किया गया है।

एसीपी सिटी बलबीर सिंह की जीआरपी पुलिस का सहयोग लेकर इन तीनों बच्चों बरामदगी मे अहम भूमिका रही।

एसीपी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में गुरुवार को एसीपी बलवीर सिंह ने बताया कि सेक्टर-तीन स्थित टैंगोर स्कूल के आठवीं कक्षा के तीन बच्चे अर्जुन, तुषार व अमनदीप उम्र 12-13 साल स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर नहीं पहुंचे। वह मेट्रो स्टेशन से पुरानी दिल्ली स्टेशन पहुंच गए। यह अपने स्कूल बैग में अपने कुछ कपड़े व पैसे भी ले गए। इसके बाद वह जम्मू को जाने वाली उत्तरक्रांति नामक ट्रेन में बैठने के लिए टिकट लेने की जुगत में थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिली। इधर, इन बच्चों के माता-पिता ने पुलिस चौकी सेक्टर 3 में गुम गुमशुदगी लिखवाई थी।

अुर्जन, तुषार व अमनदीप जब रेलवे स्टेशन पर थे, तभी उन्हें जमीला पत्नी जसवंत निवासी मालदा मिली। जिसे लुधियाना जाना था। उन्होंने इन बच्चों से पूछा कि कहां जाओगे। बच्चों को देखकर महिला को शक हो गया। उसने इन बच्चों से कहा कि वह अपने माता-पिता से बात कराओं। इनमें से अमनदीप ने अपने एक अन्य सहपाठी दोस्त अभय से जमीला की बात करा दी।

पूछताछ में पुलिस ने अभय से बातचीत की तो उसने बताया कि जमीला के फोन से उसके पास फोन आया है। शायद तीनों उसके पास ही है। पुलिस ने तुरंत जमीला से बातचीत कर तीनों को अपने पास रखते हुए अपने साथ ले जाने के लिए कहा। पुलिस महिला के संपर्क में लगातार बनी रही।

पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लों के द्वारा जीआरपी के आला अधिकारियों से बातचीत की गई। आखिर महिला तीनों बच्चों को लेकर उत्तरक्रांति ट्रेन में बैठ गई। इसके बाद जीआरपी की मदद से अंबाला कैंट में ट्रैन को करीब 30 मिनट रूकवाकर देर रात बच्चों को ट्रेन से सकुशल बरामद किया गया।

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