प्रदेश में नहीं चलेगी अब निजी अस्पतालों की मनमानी- हर इलाज का रेट होगा फिक्स

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 25 July, 2018

हरियाणा में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां निजी अस्पतालों द्वारा मनमानी रकम मरीज से वसूल की जाती है। इतना ही नहीं कई मरीज इलाज के अधिक रेट होने के कारण अपनी बीमारी का इलाज निजी अस्पतालों से करवाने में असमर्थ रहते हैं।

लेकिन अब किसी भी निजी अस्पताल की मनमानी नहीं चलेगी और न ही वह इलाज करवाने आए मरीज से मोटी रकम वसूल कर पाएंगे। बता दें कि अब हर इलाज के लिए एक सामान्य दर तय होगा और जिसका सभी अस्पतालों को पूरे तरीके से पालन करना पड़ेगा।

प्रदेश में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 को इसी हफ्ते में ही लागू कर दिया जाएगा। जिसके तहत इसी सप्ताह से 50 बेड और इससे अधिक वाले सभी अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन भी शुरू किया जाएगा। इसका रजिस्ट्रेशन न करवाने वालों पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगा दिया जाएगा।

2010 में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट को बनाया गया था, हुड्डा सरकार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बिल पास भी किया, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया था। वहीं इसके बाद खट्टर सरकार की पहल पर अस्पतलाल संचालकों द्वारा एक्ट को लागू करने पर हड़ताल की गई थी। फिलहाल एक्ट को लागू करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इसकी जानकारी को वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए भी कहा है।

क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के अनुसार हरियाणा में सभी जिलों में मान्यता प्राप्त चिकित्सा प्रणाली MBA, BDS, BAMS, BUMS, BHMS, BSMS, योग, नेचुरोपैथी और सोवा रिगपा के डिग्रीधारकों से संचालित संस्थानों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और इसका नियम न मानने वालों पर 50 हजार से 5 लाख तक का जुर्माना भी लगा दिया जाएगा। इसके साथ ही गंभीरता से जांच भी की जाएगी।

 

 

 

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