CM खट्टर ने राज्य स्तरीय स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2018 का शुभारंभ किया, गांवों का सर्वेक्षण कर रैंकिंग दी जाएगी

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज राज्य स्तरीय स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2018 का शुभारंभ किया। इस सर्वेक्षण के अंतर्गत 1 अगस्त से 31 अगस्त, 2018 तक राज्य के गांवों का सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसमें तय मापदंडों के अनुसार गांवों और राज्यों को रैंकिंग दी जाएगी और 2 अक्टूबर, को महात्मा गांधी की जयंती पर इसका परिणाम घोषित किया जाएगा। साथ ही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों और राज्यों को पुरस्कृत किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों एवं अतिरिक्त उपायुक्तों को निर्देश दिये कि सभी शौचालयों की जीयो टैगिंग का कार्य शीर्घ पूरा किया जाए। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिये कि मंत्री और विधायकों द्वारा जिला स्तर पर स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2018 की औपचारिक लॉन्चिंग करवाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा जो समय-समय पर स्वच्छता के लिए किये जा रहे कार्यों की समीक्षा करेगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले से स्वच्छता पर ध्यान दिया जा रहा है और इस सर्वेक्षण से गांवों में भी प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की पंचायतें पढ़ी-लिखी पंचायतें हैं और वे इन सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील है, जिससे हर गांव बेहतर से बेहतर प्रदर्शन करेगा।

 

वहीं  विकास एवं पंचायत मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाती है और इस सर्वेक्षण से हम और बेहतरी की ओर बढ़ेंगे, जिससे हम सुंदर और स्वच्छ हरियाणा बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी योजना है कि गांव के पास जहां कूड़ा-कचरा फेंका जाता है उस जगह के चारों ओर एक दिवार बनाई जाएगी और उस दिवार पर सुंदर पेटिंग भी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 7 स्टार इंद्रधनुष योजना भी चल रही है जिसके अंतर्गत सभी गांव अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल ने बताया कि सर्वेक्षण के लिए टीम गांवों में जाकर स्कूल, आंगनवाड़ी, प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स, धार्मिक स्थल और बाजारों पर जाकर डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन करेगी और सफाई व्यवस्था का आंकलन करेगी। इसके लिए 30 प्रतिशत नंबर रखे गए हैं। इसके बाद सिटिजन फीडबैक के अंतर्गत टीम गांव में बैठकें, समूह चर्चा करेगी और गांव के लोगों की फीडबैक भारत सरकार द्वारा शुरू की गई मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन ली जाएगी।

 

इसके अलावा गांव के सरपंच और अन्य वरिष्ठ लोगों के इंटरव्यू भी लिये जाएंगे। इसके लिए 35 प्रतिशत नंबर दिये जाएंगे। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण टीम गांवों में सुविधाओं का स्तर भी चैक करेगी कि गांवों में शौचालयों का पूर्ण रूप से उपयोग हो रहा है या नहीं और शौचालयों की जीयो टैगिंग की गई है या नहीं। इसके लिए भी 35 प्रतिशत नंबर दिये जाएंगे। इस तरह 3 मापदंडों पर सर्वेक्षण किया जाएगा।

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