Home Breaking भूमि और प्लॉट की रजिस्ट्री के साथ-साथ हो इंतकाल, ताकि ना हो कोई गड़बड़ी- सीएम

भूमि और प्लॉट की रजिस्ट्री के साथ-साथ हो इंतकाल, ताकि ना हो कोई गड़बड़ी- सीएम

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Yuva Haryana
Gurugram, 04 August, 2018

आज की जिला लोक परिवाद निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अब किसी भी भूमि व प्लाट इत्यादि की रजिस्ट्री होने के साथ ही उसका इंतकाल भी करवाया जाए ताकि किसी भी प्रकार की कोई धोखाधडी होने की कोई गुजाइंश ना रहे। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई भूमि अधिग्रहण की जाती है तो संबंधित विभाग की उस भूमि का इंतकाल करवाने की जिम्मेदारी होगी ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत व धोखाधडी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भूमि की रजिस्ट्री गलत तरीके या संबंधित दस्तावेजों की कमी के कारण की जाती है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदार की होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में ढिलाई न बरतें।

मुख्यमंत्री ने आज की बैठक के दौरान हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा बसतपुर से कापडीवास, चंदू से गढी गोपालपुर में गत सितम्बर व अक्तुबर में बनाई गई सडकों में घटिया सामान  व सडकों के टूट जाने की शिकायत थी, जिस पर कार्यवाही करते हुए उन्होंने संबंधित एक्सईन को निलंबित करने के आदेश दिए। इस मामले में मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार, एसई क्वालिटी कंट्रोल व एक्सईन क्वालिटी कंट्रोल ने इन सडकों की जांच की थी जिसमें सामग्री की गे्रडेशन में कमियां पाई गई थी। इस बाबत इन सभी सडकों की आगामी तीन साल तक डिफेक्ट गारंटी संबंधित ठेकेदारों की है और कुल लागत की 5 प्रतिशत बैंक गारंटी के अंतिरिक्त इन ठेकेदारों की 50 प्रतिशत प्रतिभूति राशि भी विभाग के पास जमा है और गे्रडेशन में कमियों की एवज में सबंधित ठेकेदार से 4.70 लाख रूपए की रिकवरी कर ली गई है।

बैठक में नगर निगम के गांव चैमा में भूमि की अवैध बिक्री व मकानों के निर्माण के संबंध में रखी गई शिकायत पर मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया कि अतिक्रमित भूमि को छुडाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में यदि कोई दोषी होगा तो कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस भूमि के मामले पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक की अगुवाई में तीन सदस्यों की एक समिति गठित करने के आदेश दिए, जो इसका निर्णय कर अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिकायकर्ता द्वारा दिए गए 10 लाख रूपए के चैक को भी वापिस कर दिया जाए।

एक अन्य शिकायत जिसमें गांव भोडा-कलां की भूमि पर अवैध तरीके से कालोनी बनाकर प्लाट काटने की शिकायत थी, पर संबंधित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस मामले में दो बार तोडफोड की गई है। जिला के ऐसे गांव जहां पर अवैध निर्माण विकसित होने की संभावना है, उन गांवों की सूची भेजते हुए उनमें हरियाणा शहरी क्षेत्र के विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 की धारा 7ए के तहत अधिसूचना करवाने के लिए विभाग के निदेशक को आग्रह किया गया है। उसके बाद इन गांवों में भी रजिस्ट्री के लिए एनओसी की आवश्यकता होगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में 7ए की अधिसूचना के तहत एनओसी लेकर ही रजिस्ट्री करवाई जाए।

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