सीएम विंडों पर आई भ्रष्टाचार की शिकयतों पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कड़ा संज्ञान

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Yuva Haryana

Chandigarh, 17 July, 2019

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सीएम विंडो पर आई भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विभिन्न मामलों में एफआईआर दर्ज करने और सरकारी कर्मचारियों द्वारा शिकायतों के निपटान में लापरवाही बरतने के कारण विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता और मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल ने यह जानकारी आज यहां सीएम विंडो के संबंध में नोडल अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दी।

डॉ. राकेश गुप्ता ने नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एक वर्ष से पुराने लंबित कुछ मामलों का अगली बैठक से पहले निपटान किया जाए, अन्यथा नोडल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के अंतर्गत प्राप्त शिकायत पर  संज्ञान लेते हुए पानीपत जिला के उपायुक्त को सरपंच के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पैसों की रिकवरी के भी निर्देश दिए गए हैं।

एक अन्य मामले में शाहबाद में तैनात लेखाकार मंजू शर्मा के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इन पर पहले ही कई मामलों में एफआईआर दर्ज हैं और कई बार सस्पेंड भी की जा चुकी है। इसलिए इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए।

पशुपालन विभाग के अंतर्गत आई एक शिकायत, जिसमें ठेकेदार कृष्ण कुमार ने जेसीबी मशीन के टेंडर लेने के लिए नकली दस्तावेज प्रस्तुत किये थे। लेकिन विभाग द्वारा इन दस्तावेजों को गलत पाये जाने पर तुरंत प्रभाव से टेंडर को रद्द कर दिया गया। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए ठेकेदार कृष्ण कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी करने के मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

पशुपालन विभाग में हिसार से आई एक शिकायत, जिसमें उप निदेशक डॉ. सुरेन्द्र सिंह गहलावत पर गाय के दूध के ठेकेदार के साथ मिलीभगत कर 24 लाख 30 हजार रुपये का घोटाला करने का आरोप लगाया गया है। विभाग द्वारा जांच करने पर आरोप सही पाए गए हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए उप निदेशक डॉ. सुरेन्द्र सिंह गहलावत को सस्पेंड करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में परिवहन विभाग का एक मामला सामने आया, जिसमें मामले को निपटाने के लिए शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर करके सीएम विंडो पोर्टल पर एटीआर अपलोड की गई। इस पर संज्ञान लेते हुए डॉ० राकेश गुप्ता ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।

डॉ. गुप्ता ने सोशल मीडिया पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की और उन विभागों की सराहना की जिन्होंने शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने नोडल अधिकारियों को पिछले साल के कुछ शेष मामलों को एक महीने के भीतर निपटाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष, 2017 व 2018 के कुछ मामले जिनमें आज तक एटीआर अपलोड नहीं की गई है, उन्हें 7 दिन में अपलोड किया जाए। सीएम विंडो पर जिन विभागों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके विभागाध्यक्षों की बैठक 30 जुलाई को होगी।