सीएम मनोहर लाल खट्टर का बड़ा बयान, सिर्फ डिग्री करने से नहीं मिलती नौकरी

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Yuva Haryana
Faridabad, 13 Jan, 2019

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बेरोजगारों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। पलवल के गांव दुधौला स्थित श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी में पहुंचे सीएम खट्टर ने कहा कि सिर्फ डिग्री लेने से रोजगार नहीं मिलता बल्कि उसके लिए स्किल होना जरुरी है।

सीएम ने यहां पर कहा कि हर साल लाखों युवा रोजगार की तलाश में आ रहे हैं, लेकिन सरकार के पास कुछ ही नौकरियां होती है जिस वजह से हर किसी को नौकरी देना संभव नहीं है। सीएम ने युवाओं से कहा कि उन्हे खुद ही सक्षम बनना होगा।

सीएम ने अपने भाषण के दौरान कहा कि घोषणा करना बहुत आसान है लेकिन हकीकत में रोजगार देना बहुत मुश्किल हैं। उन्होने बताया कि साल में डेढ़ से दो लाख युवा रोजगार के लिए तैयार होते हैं, लेकिन सरकार 10 से 15 हजार युवाओं को ही रोजगार दे पाती है।

सीएम ने कहा कि बहुत ऐसे युवा होते हैं जो परिवार के हिसाब से किसान का बेटी किसानी में, दुकानदार का बेटा दुकानदारी में और वकील का बेटा कोर्ट में अपना काम शुरु कर देता है, लेकिन बहुत सारे ऐसे भी हैं जिनको कुछ काम आता नहीं और रोजगार के लिए लाइन में आकर खड़े हो जाते हैं। अब ऐसे लोगों को काम ना दें तो वो सड़कों पर आ जाएंगे, कुछ ना कुछ उल्टा सीधा करेंगे। खाली दिमाग शैतान का घर होता है।

सीएम ने कहा कि युवाओं को स्वयं के रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए। सीएम ने यह भी कहा कि सिर्फ डिग्री लेने से नौकरी नहीं मिलती है बल्कि नौकरी पाने के लिए स्किल होना भी जरुरी है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाए गए कौशल विकास अभियान को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया।  प्रधानमंत्री ने गत 19 नवंबर को इस विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी थी। इसके बाद बहुत कम समय में निर्माण कौशल अकादमी की यह बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई। इस विश्वविद्यालय का निर्माण तीन चरणों में होगा, जिसके बाद प्रतिवर्ष 12 हजार विद्यार्थी कुशलता, कौशल व हुनर लेकर सरकारी व प्राइवेट क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही यहां पर छोटी अवधि के सर्टिफिकेट कोर्स भी होंगे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में कौशल विकास 8 प्रतिशत है, जबकि अमेरिका में 52 प्रतिशत, इंग्लैंड में 68 प्रतिशत, जर्मनी में 75 प्रतिशत, जापान व चीन में 80 प्रतिशत तथा दक्षिण कोरिया में 96 प्रतिशत है। यह विश्वविद्यालय कौशल विकास में भारत को नई दिशा प्रदान करने का कार्य करेगा। 
मनोहर लाल ने गांव दुधौला के तालाब के जीर्णोद्धार की जिम्मेवारी विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू को सौंपी तथा गांव दुधौला में विकास कार्यों के लिए पंचायत को दो करोड़ रुपए देने तथा सामुदायिक केंद्र, व्यायामशाला एवं पार्क बनाने की घोषणा की। इसी प्रकार, पृथला से धतीर सडक़ को सात मीटर से 10 मीटर चौड़ा करने तथा पृथला उप-तहसील की मांग को प्रदेश स्तर पर बनी कमेटी के पास भेजने की भी घोषणा की। 
मुख्यमंत्री ने निर्माण कौशल अकादमी का उद्घाटन करने के बाद विश्वविद्यालय के निर्माण संबंधी कार्यों को देखा तथा भगवान श्री विश्वकर्मा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने बताया कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में निर्माण कौशल अकादमी के निर्माण पर 3 करोड़ 21 लाख रुपए की लागत आई है, जिसमें 250 से 500 युवाओं को प्रतिवर्ष प्रशिक्षित किया जाएगा। एक बैच में 60 मजदूरों को ट्रेनिंग दी जा सकेगी। प्रारंभिक अवस्था में मेसन तथा बार्बेडर कोर्सेज शुरू किये जा रहे हैं। 

 

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