मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का बयान, हरियाणा में जल्द बिजली की दरें होंगी कम

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 25 July, 2018

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार जल्द ही बिजली की दरों को कम करेगी, क्योंकि हाल ही में प्रदेश के बिजली निगमों को घाटे से उबारा गया है और वे इस वर्ष लाभ की स्थिति में है, इसलिए राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को आने वाले समय में बिजली सस्ती मिलने की पूरी संभावना है।

मुख्यमंत्री गत देर सायं एक कार्यक्रम के दौरान पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने नागरिकों को जिम्मेवार बनाया और उनसे अपील की कि वे बिजली के बिलों की अदायगी करें। लोगों ने इस बात को समझा कि अगर बिजली के बिलों को नहीं भरेंगे तो राज्य को नुकसान होगा जो उनका अपना नुकसान है और आज लोग बिजली के बिल भर रहे हैं इस का ही परिणाम है कि आज हम 2250 गांवों को 24 घंटे बिजली दे रहे हैं जो रिकॉर्ड सफलता है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय में बिजली बिलों का माफ करना वोट की राजनीति का हिस्सा बन चुका था, जिसके कारण बिजली कंपनियों पर कर्जे का भार पड़ता गया। हमारे लगातार प्रयासों और जनता के सहयोग के कारण आज प्रदेश के दोनों बिजली निगम लाभांश में हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने म्हारा गांव जगमग गांव योजना को लागू किया है। जिसके तहत विभिन्न गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि हमने अपने कार्यकाल में कई परिवर्तन के काम किये हैं, खराब व्यवस्था को ठीक करने का काम किया। बेरोगारी दूर करना और जीवन जीने के पूण अवसर उपलब्ध करवाना मुख्य काम है। लेकिन जितने काम एक सरकार कर सकती है उसके लिए एक कार्यकाल का समय कम होता है। सिस्टम को सैट किया  है। जितना हमने 5 साल में किया है उतना पहले किसी ने भी नहीं किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने एक ट्रैंड सैट किया है, जिससे कोई भी सरकार अब पीछे नहीं हट सकती उसे वो काम करने ही होंगे।जिस तरह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने फसलों पर 50 प्रतिशत लाभांश के साथ एमएसपी घोषित किया है वो एक ट्रैंड सैट करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हमने विकास के बहुत काम किये हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार गड्ढे खोदकर चली गई थी उनक गड्ढों को भी भरने का काम किया।

केएमपी इसका बड़ा उदाहरण है, जो 2009 में बन कर तैयार हो जाना चाहिए था। इतने सालों के बाद हमने सता में आते ही सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट से परमिशन मांग कर केएमपी का काम शुरू करवाया और आज वो पूरा होने वाला है, जो इस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 32 आरओबी/आरयूबी बनकर तैयार हो चुके हैं और 31 पर कार्य प्रगति पर है। इस तरह हमने 5 साल में 63 आरओबी/आरयूबी बनाए, जबकि पिछले 47 सालों में 64  आरओबी/आरयूबी बने हैं।

 

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