सोशल मीडिया के जरिये भेजी थी सीएम को शिकायतें, कई कर्मचारियों को किया सस्पेंड

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 18 June, 2018
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया ग्रिवेंसिज टे्रकर (एसएमजीटी) पर आई शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस विभाग के ईएसआई ईश्वर सिंह व हैड कांस्टेबल पवन कुमार तथा परिवहन विभाग के चरखी-दादरी डिपो में तैनात चालक शंकर सिंह और परिचालक विजय कुमार को तुरन्त प्रभाव से निलम्बित करने के आदेेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने आज यहां एसएमजीटी की समीक्षा बैठक में ये निर्देश जारी किए। बैठक में मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार ध्रुव मजूमदार भी मौजूद थे।
डॉ.गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के ट्वीटर हैंडल पर एक वीडियो आया था जिसमें जीन्द में कुछ लोग एक नौजवान पर चाकूओं से हमला कर रहे थे। ईएसआई ईश्वर सिंह व हैड कांस्टेबल पवन कुमार घटना स्थल के आस-पास ही मौजूद थे। वे हमलावरों को रोकने की बजाय घटना स्थल से भाग खड़े हुए और पास में स्थित पुलिस चौकी में घटना की जानकारी भी नहीं दी। उन्होंने बताया कि ट्वीटर के माध्यम से मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया तो उन्होंने तुरन्त कार्यवाही के निर्देश दिए। 
डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि दूसरा मामला परिवहन विभाग के चरखी-दादरी डिपो का है। मुख्यमंत्री के ट्वीटर पर आए एक वीडियो में रोहतक से चरखी-दादरी जा रही बस के चालक शंकर सिंह और परिचालक विजय कुमार यात्रियों के साथ दुव्र्यवहार करते हुए दिखाई दे रहे थे। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने पर घटना के 72 घंटे के अन्दर कार्यवाही करते हुए दोषी कर्मचारियों के निलम्बन के निर्देश दिए गए।
 
उन्होंने बताया कि एक अन्य मामला जिला पानीपत की ग्राम पंचायत आट्टा सम्बन्धित है। इससे सम्बन्धित एक वीडियो में 100 मीटर की मुख्य सडक़ पर पानी भरा दिखाई दे रहा था। उन्होंने बताया कि पानीपत के उपायुक्त को 21 दिन के अन्दर इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए हैं। 
डॉ.राकेश गुप्ता ने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से लोगों की अल्पावधिक समस्याओं का त्वरित समाधान होता है और मुख्यमंत्री मनोहर लाल समय-समय पर स्वयं इसका निरीक्षण करते रहतेे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मई, 2017 में सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत निवारण की एक अनूठी पहल की थी, जिसका मकसद दक्ष और पारदशी शासन मुहैया करवाने के उद्देश्य से नागरिकों से संवाद स्थापित करना था। यह पहल अपने मकसद में बेहद कामयाब हुई है और शिकायतों का त्वरित समाधान होने की वजह से इसके प्रति लोगों का सुझान बढ़ा है। 

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