पत्रकार संगठन प्रस्ताव लेकर आएं, जिला स्तर पर प्रेस क्लब बनाने के लिए जमीन देगी सरकार -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भविष्य में वे राज्य के जिस भी जिला में जाएंगें, वहां स्थापित किए गए मीडिया सेंटर का दौरा अवश्य करेंगें। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में प्रैस क्लब स्थापित करने हेतू भूमि देने के लिए वर्तमान राज्य सरकार विचार कर रही है, इसके लिए विभिन्न जिलों में कार्यरत पत्रकारों के संगठनों द्वारा यदि कोई प्रस्ताव आता है तो इस दिशा में विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री गुरुग्राम में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे।
पत्रकारों को दी जाने वाली पेंशन के आवेदन ऑनलाईन वेबसाइट saralharyana.gov.com पर आमंत्रित करने की शुरूआत आज की गई है और जल्द ही पत्रकारों की मान्यता के लिए भी आवेदन ऑनलाईन बेवसाइट saralharyana.gov.com पर आमंत्रित किए जाएंगें। 
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का प्रचार-प्रसार करने के जिम्मेदारी सूचना एवं जन संपर्क अधिकारियों की होती है। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न विकासात्मक कार्य कर रही है, लेकिन फिर भी कोई न कोई कमी या कोई गलत बात चल रही होती है तो उसकी जानकारी भी सरकार तक पहुंचाना अधिकारियों को सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे भी कार्यक्रम चलाए है जो सभी के लिए हैं जैसे कि बेटी बचाओ-बेटी पढाओं, राहगीरी कार्यक्रम इत्यादि हैं। इसके अलावा, वे स्वयं गांवों में जाकर लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं तथा शहरों में रोड-शो के माध्यम से सीधा जनता से मिल रहे हैं और सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी भी हासिल कर रहे हैं। 
इससे पहले, मुख्यमंत्री के प्रधान ओएसडी नीरज दफ्तुआर ने भी विभाग के अधिकारियों को सोशल मीडिया के संबंध में अपने विचार सांझा किए है और विभिन्न टिप्स दिए। उन्होंने भी अधिकारियों को मीडिया के साथ सोहार्दपूर्ण संबंध बनाने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों से नेगेटिव खबरों के बारे में भी जानकारी एकत्रित करने के लिए कहा और उसका खंडन करने के बारे भी दिशानिर्देश दिए।
उन्होंने विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा लोगों के हित के लिए विभिन्न योजनाएं, परियोजनाएं, कार्यक्रम व नीतियों को चलाया जा रहा है और इन योजनाओं, परियोजनाओं, कार्यक्रमों व नीतियों के संबंध में किसी भी प्रकार की कोई फीडबैक है तो वे सीधा सरकार को दें ताकि भविष्य में इन्हें और सुधार कर लागू किया जा सकें तथा जनता को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिया जा सकें। 
सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक समीरपाल सरो ने कहा कि वर्ष 2018-19 का विभागीय बजट 215 करोड रुपए हैं और अब तक 55.69 करोड रुपए खर्च किया जा चुका है जबकि पिछले वित्त वर्ष में विभाग का बजट 179 करोड रुपए था और 169 करोड़ रुपए खर्च किया गया था। सरकार से मान्यता प्राप्त एवं गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को ढाई लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है और अब तक कुल 104 पत्रकारों को लगभग एक करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि हिन्दी आंदोलन के कुल 220 लाभार्थियों में से 198 लाभार्थियों को पेंंशन दी जा रही है जबकि 18 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। बैठक में उन्होंने बताया कि विभाग की बेवसाइट को अपग्रेड किया गया है और जल्द ही विभाग की बैवसाइट पर नए फीचर जोड़े जाएंगें।
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में दो करोड 20 लाख रुपए की लागत से मीडिया सेंटर स्थापित किए गए हैं और लगभग डेढ करोड रुपए की लागत से विभाग के कार्यालयों को नए कम्पूटर वितरित किए गए हैं। इसी प्रकार, विभाग को दो करोड 30 लाख रुपए की लागत से अन्य ढांचागत सामान जैसे कि प्रौजेक्टर, साऊंड सिस्टम, स्क्रीन इत्यादि भी मुहैया करवाई गई है। 

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