हरेरा की वेबसाइट पर अब ऑनलाइन कर सकेंगे शिकायत, घर की शिकायतों का जल्द होगा समाधान

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 04 Oct, 2018

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल  ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी में रियल एस्टेट का 9 से 10 प्रतिशत का योगदान होता है और इस प्रकार से यह एक बड़ा सेक्टर है जहां से जीडीपी में एक बड़ा हिस्सा आता है। इसलिए हमें रियल एस्टेट में अनियोजित से योजनाबद्ध प्रणाली में जाना होगा।

मुख्यमंत्री ने यह बात आज यहां हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथरिटी (हरेरा), पंचकूला और गुरुग्राम की वेबसाइट की शुरुआत अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथरिटी (हरेरा), पंचकूला और गुरुग्राम की वेबसाइट की माउस का बटन दबाकर शुरुआत की।

उन्होंने कहा कि आज हर परिवार को घर की आवश्यकता है इसलिए हमें योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना होगा लेकिन योजनाबद्ध प्रणाली को लागू करते समय कई कठिनाईयां आती हैं परंतु उन कठिनाईयों को दूर करने के लिए गत दिनों लोकसभा में एक अधिनियम पारित किया जिसको रेरा का नाम दिया गया और यह कहा गया कि सभी राज्यों में इस ‌अधिनियम को लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी कड़ी में हरियाणा में भी इस प्रणाली पर तेजी से काम करते हुए 2 प्राधिकरणों का गठन किया ‌जिसमें से एक अलग से गुरुग्राम के लिए तथा दूसरा शेष हरियाणा के लिए पंचकूला में बनाई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम तेजी से बढ़ता हुआ नगर है इसलिए वहां पर अधिक बिल्डर होने की वजह से अलग से एक हरेरा प्राधिकरण बनाया गया है ताकि जल्द से जल्द विवादों को निपटाया जा सके। इसी प्रकार, शेष हरियाणा के लिए पंचकूला में हरेरा प्र‌ाधिकरण का कार्यालय है। उन्होंने कहा कि हरियाणा शायद देश में एकमात्र ऐसा राज्य है जहां रेरा की दो प्रा‌धिकरण हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों प्राधिकरणों के नियम और विनियम एक जैसे हैं और प्र‌ाधिकरणों के दोनों चेयरमैनों ने अच्छे रास्ते निकाले हैं तथा अधिनियम की कुछ साइल्‍ंट ‌चीजों पर भी कुछ अच्छे सुझाव दिये हैं जिससे अन्य राज्यों के रेरा प्राधिकरणों को भी एक रास्ता मिला है।

उन्होंने कहा कि हरेरा शिकायत प्राधिकरण नहीं बल्कि यह एक प्रकार से रेगुलेटिंग ऑथोरिटी है। उन्होंने कहा कि इस प्राधिकरण के समुख कई प्रकार की कठिनाईयां और शिकायतें हैं लेकिन अभी तक प्राधिकरण के कार्य से संतोष है। उन्होंने कहा कि सरकारी सिस्टम को तेज करना होगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

उन्होंने कहा कि गत 25 दिसंबर 2014 को सुशासन दिवस के अवसर पर ई-रजिस्ट्रेशन जैसी ऑनलाइन सेवाएं शुरू की गई और उसके पश्चात कई सेवाओं को ऑनलाइन किया गया ताकि नीचे तक अर्थात आखिरी पंक्ति तक बैठे व्यक्ति को सेवाओं का लाभ घर बैठे मिल सके। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ती है बल्कि सेवाएं जल्द से जल्द मुहैया भी होती हैं। उन्होंने कहा कि आज इसी कड़ी में हरेरा की वेबसाइट लॉन्च की गई है जिसपर ऑनलाइन शिकायतें भी प्राप्त की जा सकेंगी और शिकायतकर्ता घर बैठे अपनी शिकायत को ट्रैक करने के साथ-साथ शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ले पाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रणाली से लोगों की शंकाएं समाप्त होती  हैं और उन्हें लगता है कि पारदर्शिता अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस वेब पोर्टल पर बिल्डरों द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्टों की पूरी जानकारी उपलब्‍ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वेबसाइट को एनआईसी की टीम द्वारा इन हाऊस तैयार किया गया है। वेबसाइट को तैयार करने वाले 5 अधिकारियों व कर्मचारियों को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकहित में कोई नीति या प्रणाली उनके समुख लाई जाएगी तो उसका स्वागत है।

इससे पूर्व हरेरा (पंचकूला) के चेयरपर्सन राजन गुप्ता ने बताया कि प्राधिकरणों ने 7 महीने के छोटे से अंतराल में 450 शिकायतों का निपटारा किया है और अब तक 1500 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने बताया कि हरेरा की वेबसाईट को पिछले 4 दिनों से ट्रायल बेस पर चलाया जा रहा था और प्रतिदिन एक हजार से 1500 लोग इस वेबसाईट पर विजिट कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वेबसाईट के शुरू होने से हितधारक को अपने मामले की ‌स्थिति, आदेश और निर्णय जैसी जानकारी मिल पाएगी तथा किसी भी व्यक्ति को कार्यालय के चक्‍कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि वेबसाईट पर जिलावार जानकारी उपलब्‍ध होगी तथा  प्रत्येक प्रोजेक्ट की रिपोर्ट और सर्टिफिकेट के साथ-साथ लइसेंस के नवीनीकरण की जानकारी भी उपलब्‍ध होगी। श्री राजन गुप्ता ने बताया कि आज वेबसाईट के शुरू होने से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रफ्यि भी शुरू कर दी जाएगी।

इस मौके पर हरेरा (गुरुग्राम) के चेयरपर्सन डॉ. के. के. खंडेलवाल ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि यह प्राधिकरण 3 घटकों पर काम करता है, जिनमें अलॉटी, प्रोमोटर और एजेंट व ब्रोकर है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का कार्य इन तीनों के हितों को संतुलित रखना है तथा उनके हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि हरेरा ने कई मामलों में उपलब्धियां हासिल की हैं जैसा कि पहले कहा जा रहा था कि पंजीकृत प्रोजेक्टों पर ही हरेरा सुनवाई कर सकता है लेकिन अपंजीकृत प्रोजेक्टों पर भी हरेरा शिकायतें सुनेगा और हरियाणा ने इस निर्णय को लेकर एक आर्दश स्थापित किया है जिसे अन्य राज्यों ने भी अपनाया है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण हर अलॉटी को उपेक्षा से अपेक्षा की ओर ले जा रहा है ताकि उसका विश्वास बना रहे। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन हरेरा में 15 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं और 50 शिकायतों व मामलों पर एक लीगल सहायक को लगाया जाएगा। डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि वेबाईट पर डाटा अपलोडिंग का कार्य चल रहा है जिसे जल्द पूरा कर दिया जाएगा।

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