हरियाणा में बिजली चोरी पर लगेगी लगाम, कई जगहों पर स्मार्ट मीटर लगने हुए शुरु

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 27 Dec, 2018

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश में सबसे सस्ती बिजली देने का दावा किया है। आज चंडीगढ़ में उन्होने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा में बिजली विभाग की पूरी जानकारी पेश की। उन्होने बताया कि हरियाणा ऐसा राज्य है जहां सस्ती बिजली है और लाखों उपभोक्ताओं को पुराने बिलों में बड़ी राहत दी है। बिजली दरों में कमी से 42 लाख उपभोक्तओं को फायदा पहुंचा है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि हरियाणा में बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की योजना है। हरियाणा में 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरु हो गया है। शुरुआती दौर में हरियाणा के करनाल, पानीपत, गुरुग्राम में स्मार्ट मीटर का कार्य शुरु हो गया है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश में घरों के ऊपर से लाइन हटाने के लिए 104 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं। प्रदेश भर में 2463 स्थानों पर लाइनों कोबदला जाएगा। उन्होने बताया कि पहले उपभोक्ता को पैसे जमा करवाकर लाइन को शिफ्ट करवाया जाता था लेकिन अब सरकार अपने खर्च पर इन लाइनों को शिफ्ट करेगी। शिफ्ट होने वाली लाइनों में 33 केवी की 185 किलोमीटर लाइन, 11 केवी की 1283 किलोमीटर लाइन बदली जाएंगी। वहीं अब तक 33 केवी की 28 किलोमीटर की लाइन बदली जा चुकी हैं, जबकि 13 लाइन पर काम चल रहा है।

उन्होने बताया कि चार साल के दौरा बिजली निगम की खामियों को ठीक करने के बाद अब अच्छी स्थिति में पहुंचाया गया है। आज निगम घाटे की बजाय फायदे में चल रहा है। उन्होने बताया कि अधिकारी, कर्मचारी, योजनाओं के बूते पर हमने निगम को फायदे में पहुंचाया है। पहली बार टैरिफ में हरियाणा गठन के बाद सबसे ज्यादा की गई है। कांग्रेस शासन में FSA 1.72 रुपए से कम करके 37 पैसे पर लाने में कामयाबी हासिल की है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा बिजली के बिल घटाकर लगभग आधे कर दिए हैं, जिसमें मासिक 200 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को अब 2.50 रूपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। पहले 150 यूनिट तक 4.50 रूपये प्रति यूनिट और अगले 50 यूनिट पर 5.25 रूपये प्रति यूनिट की दर लागू थी। 500 यूनिट तक खपत वाले ग्रामीण, शहरी घरेलु 42 लाख उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिला है, जोकि पूरे प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं का 90 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि वर्ष 2014 की तुलना में व्यावसायिक उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में 6.80 प्रतिशत कमी। इसका 6,30,455 उपभोक्ताओं को लाभ मिला है। वर्ष 2014 की तुलना में लघु और बड़े उद्योगों के बिजली बिलों में 5 प्रतिशत कमी हुई है, इसका 1,04,124 उपभोक्ताओं को लाभ मिला है। 20 किलोवाट तक के जो उद्योग सी व डी ब्लाक में स्थित हैं, उन्हें 1 नवंबर, 2018 से 2 रुपए प्रति यूनिट की छूट दी जा रही है। इसका 13,404 उपभोक्ताओं को लाभ मिला है।

सीएम ने बताया कि बिजली बिल निपटान योजना से काफी जनता को फायदा मिला है। उन्होने बताया कि एक अक्तूबर 2018 से प्रारंभ की गई है, जोकि 31 दिसंबर तक है। इसमें 20 किलोवाट तक लोड के घरेलू उपभोक्ता व 5 किलोवाट तक के गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए वर्तमान सरकार द्वारा बकाया बिजली बिल निपटान योजना शुरु की गई है। जिसमें जून 2005 से पहले का पूरा बकाया माफ कर दिया गया है।

सीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि जून 2005 से 30 जून 2018 तक के बकाया बिलों के निपटारे के लिए बिजली खपत की गणना ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 40 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 50 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह, ग्रामीण गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 75 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह व शहरी गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 150 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह के हिसाब से की जा रही है।

उन्होने बतायाकि अब तक पूरे हरियाणा में 812157 उपभोक्ताओं ने इस योजना में शामिल होकर अपने बकाया बिलों का निपटान किया। अब तक 252.74 करोड़ रुपए जमा करवाकर 1952.70 करोड़ रुपए के बकाया बिलों का निपटान किया गया, जिसमें उपभोक्ताओं को 1699.96 करोड़ रुपए की छूट दी जा चुकी है। अब तक उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंर्तगत 380917 उपभोक्ता इस योजना में शामिल होकर लाभ ले चुके हैं। अब तक दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अंर्तगत 431240 उपभोक्ता इस योजना में शामिल होकर लाभ ले चुके हैं। प्रतिदिन 30 से 35 हजार उपभोक्ता इस योजना के साथ जुड़ रहे हैं।

उन्होने बताया कि विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डिस्कॉमस की छठी वार्षिक एकीकृत रेटिंग्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2015-16 में उत्तरी तथा दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम की रेटिंग्स में क्रमशः 22वें तथा 24वंे स्थान से वित्त वर्ष 2016-17 में 10वें तथा 13वंे रैंक तक सुधार हुआ है। इस वर्ष रेटिंग में और सुधार होगा क्योंकि वित्त वर्ष 2017-18 में मापदण्डों में काफी सुधार हुआ है।

वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 10 लाख 87 हजार 835 नये कनैक्शन दिए गए। जिनमें से 4 लाख 48 हजार 588 कनैक्शन ग्रामीण क्षेत्रों के अविद्युतिकृत परिवारों को दिए गए। 6000 ढाणियों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं। गांव के एक किलोमीटर के दायरे की 1400 ढाणियों में तीन महीने में कनेक्शन दिए जाएंगे। शेष ढाणियों में सोलर कनेक्शन देंगे। इसके टेंडर जल्द होंगे, उसमें 15 हजार रुपए की सब्सिडी हरियाणा सरकार द्वारा दी जाएगी।

आई.पी.डी.एस. योजना के तहत 47 शहरों की बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए 390.59 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत नए 33 के.वी. सब-स्टेशन, 11 केवी नए फीडर, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर और मौजूदा ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि की जाएगी। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत 2451 गांवों में बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए 316 करोड़ रुपए की परियोजनाएं परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इस योजना से लगभग 65 लाख उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा करते हुए बताया कि दिसम्बर 2013 तक कृषि पम्प कनेक्शन आवेदकों को जारी किए गए थे। अब 44 हजार कृषि पम्प कनेक्शन हरियाणा सरकार जारी करेगी। उन्होने बताया कि 25 हजार छोटे कनेक्शन (इसमें 15 हजार सोलर से) और बाकी आवेदकों को 31 दिसम्बर तक डिमांड नोटिस भेजे जाएंगे।

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