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करनाल में गोबर और खेतों के ठोस कचरे से बनेगी सीएनजी

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Kamarjeet Virk, Yuva Haryana
Karnal, 30 April, 2018

सरकार ने ग्रामीणों के जीवन को बेहतर बनाने के अपने प्रयासों के तहत गोबर-धन योजना की शुरुआत कर दी। आज केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने करनाल के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान से इस योजना की शुरुआत की।

करनाल के गांव कुंजपुरा में इसका संयत्र लगाया जायेगा। यहां पर पशुओं के गोबर और खेतों के ठोस कचरे से सीएनजी गैस का उत्पादन होगा।

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि इस योजना के तहत गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कम्पोस्ट, बायो-गैस और बायो-सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा। इससे किसानों खासकर युवाओं को काफी फायदा होगा और उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा की आज देश भर में गोबर और खेतों से निकलने वाला अपशिष्ट एक बड़ी समस्या है जिसका इस योजना से निदान संभव हो पायेगा।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी इस योजना को किसानों, पशुपालकों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा की इससे स्वच्छता का दायरा बढ़ेगा।

इस योजना के शुरु होने के बाद किसानों को पशुओं के गोबर को इधर-फेंकने की आश्वयकता नहीं होती वहीं किसानों की फसलों के ठोस अपशिष्ट भी जलाने नहीं पड़ेंगे। किसानों को यह सब इस प्लांट में देने की जरुरत होगी। इसके बाद प्लांट में इस सब कचरे से सीएनजी गैस बनेगी।

गौरतलब है की वर्ष 2018 -19 के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने गोबर-धन (गैलवनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्स धन) योजना की घोषणा की थी।

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