कल कंप्यूटर शिक्षकों की सरकार के साथ हो सकती है निर्णायक बैठक

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें रोजगार सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा विशेष

Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 28 August, 2018

अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे कंप्यूटर शिक्षकों की कल शिक्षामंत्री के साथ अहम और निर्णायक बैठक हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक शिक्षामंत्री के अलावा विभागों के अधिकारी भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे, वहीं कंप्यूटर टीचर्स की तरफ से एक प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में मौजूद रहेगा।

गौरतलब है कंप्यूटर टीचर्स पिछले 20 दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं और लगभग एक सप्ताह से अनशन पर बैठे टीचर्स ने स्वास्थ्य सेवाएं लेने से भी बहिष्कार कर रखा है जिसे लेकर स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण बनी हुई है। इस दौरान कंप्यूटर शिक्षक मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर मांगों को पूरा करने की गुहार लगा चुके हैं।

सरकार की तरफ से वार्ता का न्यौता मिलने के बाद शिक्षकों ने मंगलवार के मुख्यमंत्री आवास के घेराव को स्थगित कर दिया है। कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान ने बताया यह एक आधिकारिक बैठक होगी जिसमें वेतन वृद्धि और शिक्षा विभाग में समायोजन को लेकर बातचीत की जायेगी। उन्होंने बताया यदि आज भी सरकार की तरफ से कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता तो आने वाले समय में स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है।

अनशनकारी बनाम प्रशासन :-

जहां एक तरफ 20 दिन से आमरण अनशन पर बैठे कंप्यूटर टीचर्स के लिए एक एक दिन काटना भारी पड़ रहा हैं वहीं स्थिति को संभाल पाना प्रशासन के लिए भी भारी पड़ रहा है। एक सप्ताह से अनशनकारियों ने स्वास्थ्य सेवाएं लेने के बहिष्कार के बाद प्रशासन की मुश्किलों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। सोमवार की रात को अचानक धरने स्थल पर भारी मात्रा में पुलिस प्रशासन पहुँच गया और अनशनकारियों के साथ खूब जबरदस्ती की गई। काफी देर हंगामे के बाद आखिरकार अनशनकारियों को मेडिकल चेकअप के लिए मनाया गया और दो शिक्षकों पंचकूला के सामान्य हस्पताल में भर्ती करवाया गया। भिवानी निवासी जगदीश शर्मा की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। लेकिन अनशन पर बैठे शिक्षकों ने सरकार को साफ़ सन्देश दिया है जब तक उनकी माँगें नहीं मानी जाती तब तक वो अनशन खत्म नहीं करेंगे।

सरकार और विभाग के बीच पिस रहे शिक्षक:-

प्रदेश के मुखिया मनोहर लाल 9 महीने पहले ही कंप्यूटर टीचर्स के वेतन वृद्धि पर अपना फैसला सुना चुके है। गत वर्ष दिसम्बर में हुई आधिकारिक बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के तात्कालिक वित्तायुक्त के के खंडेलवाल की शिफारिश पर कंप्यूटर टीचर्स का वेतन दस हजार से बढ़ाकर पीआरटी स्केल के बराबर 21715 रु करने का फैसला लिया था। लेकिन 9 महीने बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। एक तरफ सरकार ने विभाग पर फैसला छोड़ रखा तो दूसरी तरफ विभाग वेतन वृद्धि की फाइल पर कुंडली मारे बैठा है।