कांग्रेसी विधायक धर्म सिंह छोकर की कोठी का मामला, विभाग से लापता हुई फाइलें

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अवैध कालोनी में कांग्रेसी विधायक धर्म सिंह छोकर की कोठी का मामला
लोकायुक्त जांच मे फर्जीवाड़ा साबित होने पर शहरी निकाय विभाग से फाईल हुई लापता।
शहरी निकाय के प्रधान सचिव ने लोकायुक्त से मांगी 15 दिन की मोहलत
लोकायुक्त जांच उपरांत नगरपालिका समालखा के 5 अधिकारी हुए चार्जशीट
पानीपत के 3 तत्कालीन डीसी व वर्तमान डीसी को नोटिस भेज लोकायुक्त ने किया जवाब तलब।

Yuva Haryana
Chandigarh, 15 Dec, 2019
मनोहर लाल खट्टर सरकार का कमाल है कि पहले तो समालखा के तत्कालीन कांग्रेसी विधायक की कोठी को कालोनी बताकर पास कर दिया और जब लोकायुक्त जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो कालोनी को पास करने की रिकार्ड फाईल ही लापता हो गई। शहरी निकाय विभाग के प्रधान सचिव ने लोकायुक्त से इस केस की फाईल ढूंढने के लिए 15 दिन की मोहलत मांगी है। इस फर्जीवाड़े में समालखा नगरपालिका के पांच अधिकारियों को चार्टशीट किया जा चुका है। इसी केस में तत्कालीन डीसी अजीत बाला जोशी, समीरपाल सरो, डा० चन्द्र शेखर खरे व मौजूदा डीसी सुमेधा कटारिया से भी लोकायुक्त ने जवाब तलब कर रखा है। लोकायुक्त जस्टिस एन.के. अग्रवाल केस की सुनवाई 8 जनवरी को करेगें।

ये है मामला 
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने 19 अगस्त 2014 को लोकायुक्त को आरटीआई सबूतो व शपथ पत्र सहित शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया था कि अवैध कालोनी (न्यू दुर्गा कालोनी) में स्थित तत्कालीन कांग्रेसी विधायक धर्म सिंह छौक्कर की निर्माणाधीन कोठी को सांई एन्क्लेव कालोनी के फर्जी नाम से सरकार स्वीकृत करने जा रही है। जबकि मौका पर निर्माणाधीन किलानुमा कोठी के इलावा कोई मकान नहीं है। आरोप लगाया था कि करीब 20 एकड़ रकबा में फैली अवैध कालोनी (न्यू दुर्गा कालोनी ) का केस सरकार ने सितम्बर 2013 में जब शर्ते पूरी ना करने पर रद्द कर दिया तो यहीं बनी कांग्रेसी विधायक की पौना एकड़ में निर्माणाधीन कोठी को सांई एन्कलेव कालोनी बताकर पास कराने का केस नगरपालिका व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सरकार को वर्ष 2014 में भेज फर्जीवाड़ा किया।

लोकायुक्त जांच में आरोप सिद्ध पाऐ गए :-
लोकायुक्त के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम समालखा गौरव कुमार ने 8 जुलाई 2015 को व दौबारा 1 फरवरी 2019 को अपनी रिपोर्ट डीसी के मार्फत सरकार को भिजवा दी। दोनो बार जांच रिपोर्ट मे आरोप सिद्ध पाए गए।

शहरी निकाय विभाग ने लोकायुक्त को गुमराह किया :-
आरोप सिद्ध होने की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद शहरी निकाय विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव आनन्द मोहन शरण ने अपने 28 फरवरी 2018 के पत्र द्वारा लोकायुक्त को सूचित किया कि नगरपालिका समालखा के दोषी पांच अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही शीघ्र की जाएगी। लेकिन दूसरी ओर सितम्बर 2018 में सांई एन्कलेव कालोनी के नाम से पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर की कोठी को ही कालोनी बताकर स्वीकृत करने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। सुनवाई के दौरान गत 30 जुलाई 2019 को कपूर द्वारा यह धांधली संज्ञान मे लाये जाने पर लोकायुक्त ने शहरी निकाय विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव आनन्द मोहन शरण से स्पष्टीकरण मांगा कि वे बताऐं कि आरोप सिद्ध होने की रिपोर्ट मिलने के पश्चात कालोनी कैसे पास कर दी?

प्रधान सचिव शहरी निकाय विभाग ने मांगी 15 दिन की मोहलत :-
4 दिसम्बर 2019 के अपने पत्र द्वारा वर्तमान प्रधान सचिव शहरी निकाय वी० उमा शंकर ने लोकायुक्त को सूचित किया कि 28 सितम्बर 2018 को अवैध कालोनी को स्वीकृत करने की फाईल निदेशालय को मिली थी और उसी दिन कालोनी स्वीकृत करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था। इसके पश्चात से यह फाईल बार बार ढूंढने पर भी मिल नही रही। निदेशालय के चीफ टाऊन प्लानर को यह फाईल तत्काल ढूंढ कर सूचित करने के निर्देश किए है। पन्द्रह दिन की मोहलत फाईल को ढूंढने की दी जाऐ अन्यथा इस लापरवाही की जिम्मेवारी तय की जाऐगी।

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