पंचकूला हिंसा मामले में फैसले की आई कॉपी, SIT की जांच पर बड़े सवाल

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Umang Sheoran, Yuva Haryana

Panchkula, 02 August, 2018

 

पंचकूला हिंसा मामले में 6 व्यक्तियों को बरी किये जाने का विस्तृत फैसला आ चुका है। जिसमे SIT की जांच पर बड़ा सवाल उठ रहा है।

 

‘जांच अिधकारी ने जांच के दौरान लापरवाहीपूर्ण रवैया अपनाया’, यह बात पंचकूला जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋतु टैगोर ने पिछले साल 25 अगस्त को पंचकूला हिंसा के मामले में 6 डेरा प्रेमियों को बरी करने के दौरान अपने विस्तृत फैसले में कही।

 

 

गौरतलब है कि 30 जुलाई को जज ने 6 व्यक्तियों होशियार सिंह कैथल, रामकिशन करनाल, रवि कुमार मुक्तसर, सांगा सिंह, ज्ञानीराम एवं तरसेम संगरूर (पंजाब) को बरी कर दिया था।

डेरा हिंसा मामले में यह दूसरा केस था जो पंचकूला कोर्ट में धराशायी हो गया।

 

 

छह डेरा प्रेमियों को बरी करते हुए कोर्ट का कहना था कि जांच अधिकारी की आम जनता के केस में न जुड़ने संबंधी साधारण-सी टिप्पणी दर्शाती है कि उन्होंने आमजन के केस से जुड़ने के महत्व को पूरी तरह से अनदेखा किया और जांच में लापरवाहीपूर्ण रवैया अपनाया।

जज ने आगे कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि अभियोजन पक्ष ने संदेहों से परे कोई भी अच्छे और विश्वसनीय तथ्य नहीं पेश किये जिससे कि आरोपियों पर मामला साबित हो पाता।

 

यह सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देने का बिल्कुल सही मामला बनता है और उनको भी लाभ देते हुए मैं आरोपों से मुक्त कर दूंगी।

    

 

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