कोर्ट ने कहा सहमति से बने शारीरिक संबंध दुष्कर्म कैसे ?

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Yamuna Nagar, 2 Sep, 2018

प्रेम प्रसंग के चलते शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं माना जाएगा। एक बालिग और पढ़ी- लिखी लड़की अच्छे से जानती है कि उसके लिए सही और गलत क्या है। अगर अपने प्रेम प्रसंग के चलते वह अपने प्रेमी के करीब आती है, तो वह उसकी स्वयं की मर्जी है। उसके साथ न तो किसी ने जबरदस्ती की है और न ही उसे ऐसा करने पर किसी ने मजबूर किया है।

यह सभी टिप्पणी यमुनानगर स्पेशल कोर्ट (क्राइम ब्रांच वूमन एंड चिल्ड्रन) की जज पूनम सुनेजा ने दी है और उन्होंने दिनेश को बरी किया है।

क्या है मामला-

सहारनपुर की एक लड़की यमुनानगर में नौकरी करती थी। 2013 में उसका दिनेश नामक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चला था। दोनों के परिजनों की सहमति से अप्रैल 2016 में उनकी सगाई भी हो गई थी और नवंबर 2016 में शादी तय की गई थी, जिसके लिए शादी का हॉल भी बुक करवाया गया था।

जिसके बाद दिनेश ने एक दिन लड़की के मोबाइल में किसी और लड़के के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देख ली और शादी करने से इंकार कर दिया। लड़की ने दिनेश पर शादी का दबाव भी बनाना चाहा, लेकिन वह नहीं माना। बाद में युवती ने अक्तूबर 2016 में दिनेश के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा दिया।

लेकिन इस बीच युवती खुद को सही साबित नहीं कर पाई। उसने बयानों में बताया था कि मार्च में दिनेश ने रुड़की में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था, जबकि इसके एक महीने बाद ही दोनों की सगाई हुई थी। कोर्ट का मानना है कि युवती ने तब न तो किसी को इस बारे में बताया और न केस दर्ज करवाया।

दिनेश उससे शादी करना चाहता था, तभी सगाई की और शादी के लिए हॉल भी बुक करवाया। अपनी मर्जी से युवती ने शारीरिक संबंध बनाए थे, जिसे अब वह दुष्कर्म का नाम दे रही है। इसी के तहत कोर्ट ने दिनेश को बरी किया है।

 

 

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