कोर्ट ने दोषी को एससी-एसटी एक्ट में उम्रकैद और दुष्कर्म में 10 साल की सुनाई सजा

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Yuva Haryana,

Hisar, 16 Feb,2019

एडीजे डा. पंकज की अदालत ने एससी-एसटी एक्ट में दूसरा बड़ा फैसला सुनाया है। इस बार अदालत ने घर में घुसकर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाकर दुष्कर्म करने और एससी-एसटी एक्ट के मामले में दोषी मंजीत को उम्रकैद और 19 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इससे पहले यहां की अदालत ने दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के मामले में  दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने आरोपी मंजीत को 12 फरवरी को दोषी करार दिया था और दो आरोपियों को बरी कर दिया था।

बता दें कि पुलिस ने इस संबंध में 31 अक्टूबर 2017 को शिकायत दर्ज की थी। पुलिस में दी शिकायत में व्यक्ति में बताया कि 29 अक्टूबर की रात को मेरी पत्नी और दो बेटी पड़ोस में एक शादी के चली गई थी। मैं और मेरा बेटा नीचे मकान में सो रहे थे। मेरी 17 साल की एक बेटी ऊपर वाले कमरे में सो रही थी। रात में करीब 12 बजे ऊपर कमरे में जाकर देखा, तो मेरी बेटी वहां नहीं मिली। वह और उसका परिवार उसकी बेटी को ढूंढते रहे।

अगले दिन भूना थाने से फोन आने पर परिजन किशोरी को लेने भूना थाने पहुंचे। बाद में किशोरी के कोर्ट में बयान दर्ज कराए। किशोरी ने कहा कि हमारा परिवार सोया हुआ था। मैं ऊपर वाले कमरे में सो रही थी, तभी किसी ने बाहर से मेरे पापा को आवाज दी। मैंने नीचे जाकर दरवाजा खोला और पूछा कौन है? इतना कहते ही गांव के संजय ने मेरे मुंह पर टेप लगा दी। उसके साथ दो लड़के और थे। उनमें एक मंजीत और दूसरा मोनू था।

वे तीनों जबरदस्ती मुझे बाइक पर बैजलपुर की तरफ ले गए। संजय ने रास्ते में कोई दवा सुंघा दी, जिससे वह बेहोश हो गई। सुबह होश आया, तो खुद को बैजलपुर रोड पर पाया। वहां वह कागज चुगने वाली दो महिलाओं के पीछे चल पड़ी। वे उसे अपने साथ भूना में घर ले आई। वहां पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर पुलिस उसे भूना थाने में ले आई। पुलिस ने उससे फोन नंबर पूछकर परिजनों को इसकी सूचना दी।

पुलिस ने इस संबंध में नशीली दवा सुंघाकर अपहरण करने, दुष्कर्म करने और 6 पॉक्सो एक्ट व एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।

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