नूंह को सबसे पिछड़ा घोषित करने वाले नीति आयोग की रिपोर्ट से DC नूंह नाराज

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Yuva Haryana

Nuh (1 April 2018)

नीति आयोग द्वारा नूंह को देश का सबसे पिछड़ा राज्य कहने पर हरियाणा में राजनीति अपने चरम पर है। लेकिर नूंह के DC का कहना है कि हरियाणा में नूंह सबसे पिछड़ा ज़िला हो सकता है लेकिन देश में कतई नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि चंद दिन पहले तक जिस नीति आयोग के अफसरों को नूंह ज़िले की कई चीज़े बेहतर दिख रही थी, तो अब उन अफसरो ने किस आधार पर इसे पिछड़ा घोषित किया। DC अशोक कुमार ने कहा कि आयोग से बातचीत जारी है, सोमवार तक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी, जिसे मीडिया कर्मियों के माध्यम से देश से सांझा किया जाएगा।

DC के अनुसार स्कूलों में बिजली-पानी की अच्छी व्यवस्था है। अस्पताल और मेडिकल कॉलेज हैं। हर गांव सड़क से जुड़ा हुआ है। सब सेंटर और पीएचसी-सीएचसी बनाने की ज़रुरत है, तो वे बनाई जा रही हैं। कॉलेज, महिला कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज सब हैं। पांचवीं तक का ड्राप आउट कंट्रोल हुआ है। यहां फसल अच्छी होती है, नहरी पानी की कोशिशों में लगे हुए हैं। इस ज़िले में लघु सचिवालय- कोर्ट परिसर की आलिशान बिल्डिंग हैं। कुल मिलाकर बहुत से मामलों में मेवात देश के बहुत से ज़िलों से आगे है।

उपायुक्त ने कहा कि नीति आयोग के पास सीटीएम-एनआईसी अधिकारी चंद दिन पहले आए थे, उस दौरान मेवात की रैंकिंग में ज़बरदस्त उछाल की बात आयोग के अधिकारियों ने कही थी और निचले पायदान वाला मेवात टॉप -3  तक पहुंच गया था। अब ये जो रिपोर्ट आई है, इसके क्या मापदंड तय किए गए हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। सोमवार तक का समय इसमें लग सकता है लेकिन इतना साफ है कि मणिपुर, बिहार, एमपी इत्यादि राज्यों में बहुत ज़्यादा नूंह (मेवात) से कठिन हालात हैं।

अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि लोगों और नेताओं को एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की बजाए इस पर ध्यान देने की ज़रुरत है कि क्या वाक़ई इस तरह के हालात ज़िले के हैं, जिसके चलते सबसे पिछड़े जिले की बात सामने आई है। हांलाकि उन्होंने कहा कि जो कुछ खामियां है, उसका समाधान निकालने की कोशिश जारी है।

बता दें कि इससे पहले नूंह (मेवात) के उपायुक्त रहे डॉ मनीराम शर्मा ने भी सोशल मीडिया के ज़रिए नीति आयोग के सर्वे पर सवाल उठाए थे, मनीराम शर्मा की मानें तो नूंह (मेवात) देश के सैंकड़ों ज़िलो से अच्छी स्थिति में है।

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