देश की ए ग्रेड यूनिवर्सिटी MDU के हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़, बिना मान्यता के बांटी जा रही डिग्रियां

Breaking चर्चा में देश बड़ी ख़बरें रोजगार हरियाणा हरियाणा विशेष
Deepak Khokhar, Yuva Haryana
Rohtak, 18 July, 2018
देश में ए ग्रेड युनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविधालय की डिग्रियों पर सवाल उठना शुरू हो गया है। दिल्ली सरकार ने तो एमडीयू से शारीरिक शिक्षा विभाग की डिग्री को फर्जी तक बता दिया है और इसके चलते शिक्षा विभाग में चयन हुए कुछ छात्रो का चयन तक रद कर दिया है, जबकि अब तक मदवि स्थित कैम्पस से करीब दो हजार छात्र शारीरिक शिक्षा विभाग की डिग्री ले चुके है। अब उन छात्रो का भविष्य अधर में लटक गया है, जिसको लेकर अब डिग्री धारक धरना देकर अपना विरोध कर रहे है।
2002 से महर्षि दयानंद विश्विद्यालय बिना मान्यता के बच्चों को एडमिशन देकर उन्हें फर्जी डिग्रियां दे रहा है जहां हरियाणा से बाहर सिर्फ वह एक कागज का टुकड़े का अलावा कुछ नहीं है।
जबकि 2004 में एनसीईटी मान्यता के लिए यूनिवर्सिटी को रिमांडर भी डाल चुका है मगर यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से मान्यता के लिए आज तक कुछ नहीं किया गया।
डिग्री धारकों का कहना है कि एमडीयू से संबंधित जो निजी काॅलेज है उनको तो शारीरिक शिक्षा विभाग की मान्यता दी गई, लेकिन एमडीयू में सेल्फ फाइनेस कोर्स चलाया जा रहा है, जिसे एनसीईटी की मान्यता प्राप्त नहीं है। एमडीयू कैम्पस से वर्ष 2000 में शारीरिक शिक्षा विभाग का कोर्स किया गया था, जिसमें अब तक लगभग दो हजार छात्र डिग्री ले चुके है, लेकिन छात्रो को उस वक्त धका लगा जब एनसीईटी ने उनकी डिग्री को ही फर्जी बता दिया।
बताया जा रहा है कि दिल्ली सरकार ने मार्च 2018 में शारीरिक विभाग में अध्यापकों के पदो के लिए आवेदन मांगे थे, जिसमें एमडीयू से डिग्री ले चुके काफी छात्रों ने इन पदो ंके लिए आवेदन किया था। यहां तक कि सभी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद काफी अभ्यार्थियो का चयन हो गया था, लेकिन जब प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो एमडीयू स्थित कैम्पस के विभाग से मिली डिग्री को मानने से इंकार कर दिया। एनसीईटी ने तर्क दिया कि एमडीयू कैम्पस स्थित शारीरिक शिक्षा विभाग को मान्यता ही नहीं है। चयन रद होने के बाद काफी संख्या में छात्र एमडीयू पहुंचे और इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों से जबाव मांगा, लेकिन कोई भी अधिकारी इस संबंध में बोलने को तैयार नहीं हुआ, जिसको लेकर डिग्री धारको ने आंदोलन शुरू कर दिया और मदवि को सील करने की चेतावनी देते हुए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है।
डिग्री धारक प्रदीप का कहना है कि एमडीयू प्रशासन छात्रो को बहला फुसलाकर शारीरिक शिक्षा विभाग में दाखिले करवा रहा है, जबकि प्रोस्पेक्टस में मान्यता का दावा किया गया है। एनसीईटी ने एमडीयू प्रशासन की इस डिग्री को फर्जी बताते हुए सवाल खडा कर दिया है।
जब इस बारे में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बिजेन्द्र कुमार पुनिया ने कहा कि दरअसल एनसीईटी से मान्यता नहीं मिल पाई थी, डिग्रियां फर्जी नहीं है। मान्यता के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई हैै। बकायदा रजिस्टार व अन्य अधिकारी इस काम के लिए लगे हुए है और तीन चार दिन में मान्यता मिलने की पूरी उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *