जल विवाद को लेकर हरियाणा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली सरकार

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Yuva Haryana

New Delhi, (27 March 2018)

दिल्ली और हरियाणा सरकार के बीच चल रहे जल विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली सरकार की याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया गया है।

दिल्ली जल बोर्ड के जल विवाद को लेकर हरियाणा सरकार के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चन्द्रचूड़ की बैंच कर रही है।

अब याचिका पर सुनवाई  2 अप्रैल को की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली जल बोर्ड की याचिका में कहा गया है कि हरियाणा से रोजाना दिल्ली स्थित वजीराबाद जल संयंत्र को 450 क्यूसेक पानी मिलना चाहिए, जो दोनों राज्यों के बीच पहले से ही तय है।

लेकिन उसे प्रतिदिन केवल 330 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है यानि 120 क्यूसेक पानी लेने के लिए दिल्ली सरकार ने हरियाणा सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

याचिका में दिल्ली सरकार ने यह भी कहा गया कि हरियाणा के यमुना नदी में पानी की आपूर्ति बंद कर देने की वजह से दिल्ली में पानी संकट पैदा हो गया है।

उसने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पानी की सप्लाई से जुड़े अदालती आदेशों का उल्लंघन कर रहा है और यमुना के बहाव को लेकर बेहतर स्थिति में होने का फायदा उठा रहा है।

बता दें कि मार्च में ही दिल्ली में पानी की कमी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह मुनक नहर से 719 क्यूसेक पानी और सब ब्रांच कैनाल से 330 क्यूसेक पानी तत्काल दिल्ली को उपलब्ध कराए और वह दिल्ली को रोजाना पानी देने के मामले में 2014 के कोर्ट के पुराने निर्देशों का पालन करे।

 

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