हाईकमान को अभय चौटाला के मुख्यमंत्री बनने का डर दिखाकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए कमान मांग रहे हैं कांग्रेसी

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 02 July, 2018

हरियाणा में लोकसभा व विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। प्रदेश में वोटरों को रिझाने के लिए जून की गर्मी में भी नेता लगातार रैलियों में व्यस्त रहे। एक तरफ सीएम राहगिरी और खुले दरबार लगाते रहे, वहीं कांग्रेस में भूपेंद्र सिंह हुड्डा रथ यात्रा तो अशोक तंवर साइकिल दौड़ाते रहे और इधर इनेलो-बीएसपी वालों ने जेल भरो आंदोलन के जरिये अपना आंदोलन जारी रखा।

अब प्रदेश में माहौल बिल्कुल राजनीतिक रंग में रंग चुका है, तो कांग्रेस के नेताओं को अब इनेलो से खतरा भी मंडराने लगा है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने तो हाईकमान की बैठक में यह तक कह दिया कि अगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को प्रदेश की कमान नहीं सौंपी गई तो अभय सिंह चौटाला प्रदेश में मुख्यमंत्री बन जाएंगे। ऐसे में कांग्रेस को भी कहीं ना कहीं इनेलो का डर स्पष्ट दिख रहा है।

दूसरा सबसे बड़ी बात ये भी है कि कांग्रेस के नेताओं को अब बीजेपी से डर नहीं है बल्कि इनेलो से ज्यादा डर सता रहा है। इसके पीछे वोटरों के गणित को वजह माना जा रहा है। राई से कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया ने कांग्रेस महासचिव के सामने यह तक कह दिया कि अगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई तो अभय सिंह चौटाला मुख्यमंत्री बन जाएंगे और अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं आपकी ( अशोक गहलोत ) की टांग के नीचे से निकल जाऊंगा।

ऐसे में अब कांग्रेस के लिए यह गंभीर स्थिति हो गई है। इससे पहले राई से विधायक जयतीर्थ दहिया गांधी टोपी पहने हुए भी दिखते हैं, गांधी टोपी वाले इस विधायक की प्रतिज्ञा है कि जब तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री नहीं बनते तब तक वो इस गांधी टोपी को नहीं छोड़ेंगे। वो जिस भी सभा में जाते हैं, इसी गांधी टोपी में नजर आते हैं।

इधर हरियाणा के राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक इनेलो का जाट वोट बैंक मजबूत है, और कांग्रेस के पास गैर जाट वोटरों के साथ हुड्डा के क्षेत्र के जाट मतदाता भी। हुड्डा को जो नेता जिम्मेदारी देने की बात कर रहे हैं, उनके हिसाब से अगर हुड्डा को जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई तो हुड्डा के गढ़ माने जाने वाले रोहतक, सोनीपत और झज्जर में जाट वोटर इनेलो की तरफ से चले जाएंगे और जिसका सीधा नुकसान कांग्रेस को होगा।

विधायक जयतीर्थ दहिया की तरफ से दिये बयान की पेपर कटिंग भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है जिसमें उन्होने पार्टी महासचिव अशोक गहलोत के सामने हुड्डा को जिम्मेदारी सौंपने की बात कही थी, ये तक कह दिया था कि अगर हुड्डा को जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई तो प्रदेश में अभय सिंह चौटाला मुख्यमंत्री बन जाएंगे। उन्होने यहां तक कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो अशोक गहलोत की टांग के नीचे से निकलने को तैयार हैं।

इससे पहले भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी बातों को हाईकमान तक पहुंचाने के लिए जयतीर्थ दहिया समेत कई नेताओं का सहारा लेते हैं, हुड्डा खेमे के नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी से मिल चुके हैं, हर बार हुड्डा को कमान सौंपने की बात करते हैं।

हरियाणा में इनेलो और बीएसपी का गठबंधन है, जानकारों के मुताबिक इनेलो के वोटर मजबूत पकड़ वाले हैं, वो कम ही बदलते हैं यानी सोलिड वोटर, वहीं इस बार इनेलो के इन सोलिड वोटरों के साथ दलितों के वोट भी जुड़ रहे हैं, जिससे प्रदेश में इनेलो-बीएसपी एक मंच से देश में मायावती को प्रधानमंत्री और हरियाणा में इनेलो-बीएसपी गठबंधन की सरकार बनने का दावा करते हैं।

 

 

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