Home Breaking जाट नेता यशपाल मलिक का आरोप, आंदोलन में हिंसा की साजिश ओपी धनखड़ और कै. अभिमन्यु ने रची

जाट नेता यशपाल मलिक का आरोप, आंदोलन में हिंसा की साजिश ओपी धनखड़ और कै. अभिमन्यु ने रची

0

Deepak Khokhar, Yuva Haryana

Rohtak

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व कृषि मंत्री ओपी धनखड़ पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन व धनखड़ ने ही फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन में हिंसा की साजिश रची थी। इन दोनों की सीएम बनने की महत्वाकांक्षा थी और इसी महत्वाकांक्षा को पूरी करने के लिए यह साजिश रची गई। 

मलिक वीरवार को रोहतक के जसिया में समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओपी धनखड़ ने ही फरवरी 2016 में आंदोलन की शुरूआत कराई थी। उन्होंने कहा कि कैप्टन व धनखड़ की साजिश के चलते ही पूरे हरियाणा को जलाया गया। जाट कौम का दलिया बना दिया गया। जाट नेता ने कहा कि ये नेता अपनी लड़ाई को राजनीतिक लड़ाई में बदलें। वे बेवजह ही विपक्ष पर आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि आंदोलन में हिंसा के लिए सीएम मनोहर लाल खट्टर, कुरूक्षेत्र के भाजपा सांसद राजकुमार सैनी और ओपी धनखड़ व कैप्टन अभिमन्यु की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यशपाल मलिक ने पीएम नरेंद्र मोदी व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मांग की कि सीएम मनोहर लाल खट्टर को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त किया जाए। साथ ही मलिक ने पिछले साल अगस्त में खुद पर हुए हमले का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उन पर हमला करने वालों के मामले 1984 के दंगों की तरह खुलेंगे।

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। इसी के साथ 21 जुलाई को प्रदेश के हर जिला में समिति की बैठक होगी। जिसमें आंदोलन रणनीति तय की जाएगी। 12 अगस्त को रोहतक में होने वाले भाईचारा सम्मेलन में आंदोलन की अंतिम घोषणा होगी। वीरवार को रोहतक के जसिया में हुई समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में तय हुआ कि एक घंटे की सूचना पर ही आंदोलन कर दिया जाएगा। यह आंदोलन सड़क जाम या अन्य कोई रास्ता हो सकता है। हालांकि समिति ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि 15 अगस्त के बाद सीएम व मंत्रियों के कार्यक्रमों का बहिष्कार होगा।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने सीबीआई को भाजपा सरकार का गुलाम बताया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने बिना सबूतों के ही वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास पर आगजनी मामले में चार्जशीट दाखिल की है। दो दिन पहले युवा जाट नेता पवन जसिया की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि किसी प्रकार का कोई नोटिस नहीं दिया गया। ऐसे में साबित होता है कि सीबीआई पूरी तरह से भाजपा सरकार की कठपुतली है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जाट समाज को आंदोलन के लिए उकसा रही है। इसी बैठक में मौजूद समिति के हरियाणा प्रभारी अशोक बलहारा ने भी सीबीआई और भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरक्षण आंदोलन की हिंसा में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, इसके बावजूद उनके खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई है। 

 

Load More Related Articles
Load More By Yuva Haryana
Load More In Breaking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

अवैध शराब मामले में गिरफ्तार कर पांच दिन पहले भेजा था जेल, अब निकला कोरोना पॉजिटिव

Yuva Haryana, Sirsa सिरसा में अवैध शराब के एक मामले में गिरफ्तार किये गए शख्स को 21 मई को …