क्रिकेट की पिच के बाद राजनीति के मैदान में उतरे दिग्विजय सिंह चौटाला 

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें राजनीति हरियाणा हरियाणा विशेष

Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 10 Jan, 2019

जींद उपचुनाव में जननायक जनता पार्टी के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह चौटाला इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन(इनसो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्हें इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेवारी 5 अगस्त 2013 में सौंपी गई थी और इसके बाद उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में पलट कर नहीं देखा। दिग्विजय सिंह चौटाला के नेतृत्व में इनसो ने प्रदेश के छात्रों में एक  नई पहचान बनाई और छात्रों के अधिकारों के लिए हर मंच पर लगातार संघर्ष किया।

हरियाणा में छात्र संघ के चुनाव सबसे बड़ा मुद्दा रहा और छात्रों की इस मांग को लेकर दिग्विजय सिंह चौटाला ने प्रदेश भर में एक वर्ष तक आंदोलन चलाया। वे इकलौते छात्र नेता थे जिन्होंने प्रदेश के हर कालेज और विश्वविद्यालय में जाकर छात्रों की आवाज को बूलंद किया। पिछले वर्ष वे प्रदेश के कालेज व विश्विद्यालयों में छात्र संघ के चुनावों की मांग को लेकर हिसार के गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय में पांच दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे।

दिग्विजय चौटाला के आंदोलन के आगे भाजपा सरकार को घुटने टेकने पड़े और हरियाणा में 1996 के बाद छात्र संघ के चुनावों की घोषणा हुई। दिग्विजय सिंह चौटाला न केवल छात्र हितों को लेकर लगातार आंदोलनरत रहे बल्कि इनसो को सामाजिक गतिविधियों में अग्रणी रखा। दिग्विजय के नेतृत्व में दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब व जयपुर विश्वविद्यालय के छात्र संघ के चुनावों में इनसो उम्मीदवारों ने जीत का परचम लहराया। उन्होंने रोहतक में दिसंबर 2013 में सर्वाधिक 10 हजार 883 लोगों को नेत्रदान करवा कर इनसो का नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाया।

दिग्विजय सिंह चौटाला जेजेपी संस्थापक डा. अजय सिंह चौटाला और डबवाली से विधायक नैना सिंह चौटाला के छोटे बेटे हैं। हिसार के शर्मा अस्पताल में 20 फरवरी 1991 को जन्मे दिग्विजय सिंह चौटाला ने अपनी प्राथमिक शिक्षा सिरसा के सेंट जेवियर स्कूल में प्राप्त करने के बाद पांचवी कक्षा में हिमाचल के सनावर स्कूल में दाखिला ले लिया।। इसके बाद कक्षा सातवीं में दिग्विजय चौटाला ने दिल्ली के मथूरा रोड स्थित डीपीएस स्कूल में दाखिला ले लिया और 12 वीं तक की पढ़ाई उन्होंने डीपीएस में पूरी की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दिग्विजय सिंह चौटाला इंग्लैंड चले गए। उन्होंने वहां कॉर्डिफ यूनिवर्सिटी में कोर्स करने के बाद लंदन के मिडलसेक्स यूनिवर्सिटी में लॉ पाठ्यक्रम में दाखिल ले लिया। इसी दौरान कांग्रेस द्वारा रचे गए षड्यंत्र के तहत दिग्विजय को उनके दादा ओमप्रकाश चौटाला और पिता डा. अजय सिंह चौटाला के जेल जाने के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ कर विदेश से वापस आना पड़ा और उन्हें इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेवारी सौंपी गई। दिग्विजय सिंह चौटाला ने राजनीति में पहली सक्रिय भागीदारी वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में भिवानी में दिखाई और उन्होंने अपने पिता के लिए चुनाव प्रचार किया।

दिग्विजय सिंह चौटाला का क्रिकेट खेल से खासा जुड़ाव रहा और उन्होंने स्कूल के दिनों से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। क्रिकेट प्रति दिग्विजय सिंह चौटाला का जुनून का आलम यह था कि उन्होंने सिरसा स्थित जननायक देवीलाल विद्यापीठ में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट ग्रांउड बना दिया और क्रिकेट एकेडमी भी स्थापित की। सिरसा के इस ग्रांउड में उन्होंने कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *