कितनी बड़ी भी कुर्बानी देनी पड़े, लेकिन अप्रत्यक्ष चुनाव नहीं होने देंगे- दिग्विजय चौटाला

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें राजनीति हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana
Delhi, 15 Oct, 2018

इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने दिल्ली स्थित कार्यालय में प्रैस वार्ता आयोजित कर हरियाणा में अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव को लेकर एक बार फिर से भाजपा को घेरा। दिग्विजय ने कहा कि जिस लड़ाई को छात्र लड़ रहे थे उसे दूसरा रूप देकर भाजपा सरकार ने छात्रों के साथ खिलवाड़ किया है। दिग्विजय ने कहा कि इनसो के साथ प्रदेश के सभी छात्र संगठन प्रत्यक्ष चुनाव की मांग करते आए हैं लेकिन भाजपा सरकार के तानाशाही और डरपोक रवैये के कारण आज छात्र अपने अधिकार से वंचित हो रहे हैं। प्रदेश सरकार जहां प्रदेश में अप्रत्यक्ष चुनाव करवाना चाहती है वहीं वह संविधान की अव्हेलना कर अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव पर अड़ी है।

चौटाला ने कहां की उन्हें कितनी भी बड़ी कुर्बानी देनी पड़े हरियाणा में अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव नहीं होने देंगे। दिग्विजय ने मीडिया के सामने प्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों से आए आंकड़ों पर हैरानी जताते हुए कहा कि आज छात्रों ने जिस तरह से नामांकन ना करके इस लड़ाई को और मजबूती दी है वह वाकई काबिले तारीफ है। भाजपा एबीवीपी के सहारे प्रदेश में भगवाकरण करना चाहती थी लेकिन प्रदेश के लाखों छात्रों ने अपनी आंखों की लड़ाई को बुलंद करते हुए 60% तक नामांकन नहीं किया। नामांकन ना करना जहां भाजपा के अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव करवाने की फैसले पर तमाचा मारने के समान है। भाजपा को अब भी छात्रों की आवाज को समझना चाहिए और 17 तारीख को होने वाले अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव को रोकना चाहिए ।

दिग्विजय ने कहा कि महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक जिसमें 222 सी आर चुने जाने दे उस में नामांकन केवल मात्र 131 ने किया। जाट कॉलेज रोहतक में 108 का चुनाव होना था जहां किसी ने भी नामांकन नहीं कर भाजपा सरकार के अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव के दावों की पोल खोल दी। सिरसा सीडीएलयू में 82 सीटों पर नामांकन होना था लेकिन वहां केवल मात्र साठ ही नॉमिनेशन हुए। भिवानी के बंसीलाल यूनिवर्सिटी में 38 सीटों पर चुनाव होने थे लेकिन वहां केवल मात्र 20 ने ही नामांकन किया। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ के गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में 7 नामांकन होने थे जिसमें से एक भी नामांकन नहीं हुआ। पलवल में 33 सीटों पर चुनाव होना था जहां केवल मात्र 11 पर ही नॉमिनेशन हुए। पानीपत में चार कॉलेजों के अंदर 123 सीटों पर चुनाव होने थे जहां केवल मात्र 65 नामांकन ही हुए।

झज्जर के गवर्नमेंट कॉलेज बहादुरगढ़ में टोटल 21 सीटों पर चुनाव होना था जहां केवल मात्र 16 नॉमिनेशन ही हुए। सोनीपत की डीक्रस्ट यूनिवर्सिटी में 102 सीटों पर चुनाव होने थे लेकिन वहां पर केवल 70 ही नामांकन फार्म भरे गए। फरीदाबाद में 71 सीआर चुने जाने दे जहां केवल मात्र 57 नॉमिनेशन हुए। प्रदेश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 224 सी आर बनने थे जहां छात्रों ने अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव को नकारते हुए मात्र 124 नामांकन किए। फतेहाबाद के भट्टू कॉलेज में 10 सीआर चुने जाने थे और वहां रिकॉर्ड किसी ने भी नामांकन नहीं किया भूना कॉलेज में 6 सी आर चुने जाने थे जहां मात्र दो ने नामांकन किया। गुड़गांव में 67 सी आर चुने जाने थे जिसमें मात्र एबीवीपी को छोड़कर किसी ने भी नामांकन दाखिल नहीं किया ।

इनसो अध्यक्ष ने बताया कि मेवात के गवर्नमेंट कॉलेज नगीना में 11 सी आर चुने जाने थे जिसके लिए केवल मात्र 8 का नामांकन हुआ। अंबाला गवर्नमेंट कॉलेज कैंट में 26 सी आर चुने जाने थे जिसे मात्र 27 ने नामांकन किया। हिसार के गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में 117 चुने जाने थे, लेकिन सिर्फ 92 ने नामांकन किया। वहीं जींद की सीआरएस यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में लगभग 70 सीटों पर चुनाव होना था लेकिन सिर्फ 34 नामांकन ही हो पाए। करनाल के दयाल सिंह कॉलेज में 70 सीटों पर 31 नामांकन ही हो पाए। डीएवी कॉलेज में 51 सीटों में से 30 पर, खालसा में 50 सीटों में से 8 पर नामांकन, यमुनानगर के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में 18 में से 6 पर, खालसा कॉलेज में 65 में से 39 पर, एमएलएन में 84 सीटों में से 36 पर ही नामांकन हो पाए।

दिग्विजय चौटाला ने कहा कि उपरोक्त आंकड़ों से साफ पता चलता है कि छात्रों के प्रति भाजपा की बदनीयती कहां तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि आज भावनाओं से नहीं, आंकड़ों से कम चलता है। दिग्विजय ने बताया कि प्रदेश के 16 छात्र संगठनों ने चुनाव का बहिष्कार किया है। उन्होंने कहा कि अब छात्र अपने हक को लेकर रहेंगे और 17 को सरकार की इस तानाशाही फरमान के खिलाफ चुनाव का बहिष्कार कर वोटिंग नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि उपरोक्त आंकड़ों से भाजपा के झूठे छात्र संघ चुनाव के उत्साह का दम निकल गया है। सरकार के लिए इससे ज्यादा शर्मनाक बात नहीं हो सकती।

दिग्विजय ने कहा कि वो आज स्वयं के लिए न लड़ कर के गरीब, किसान, दलित, पिछड़ों के बच्चों के हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां भाजपा पैसा और ताकत का गलत इस्तेमाल कर रही है, वहीं हम छात्रों के ताकत के साथ अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव करवाने की मंशा पाले बैठी भाजपा सरकार को करारा जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि वो स्वयं भी 17 को किसी न किसी यूनिवर्सिटी के गेट के आगे बैठे मिलेंगे और छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार रहेंगे। दिग्विजय ने साथ ही आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में एबीवीपी के छात्रों की हाजिरी पूरी की जा रही है,इससे विश्व के अंदर सबसे बड़ा छात्र संगठन बताने वाली एबीवीपी की सच्चाई भी उजागर होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *