हरियाणा की बेटी गूगल के डूडल पर छाई, जानिए क्या है वजह ?

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Yuva Haryana

15 Nov, 2019

हरियाणा के गुड़गांव शहर में रहने वाली छोटी सी बच्ची ने कमाल कर दिया। 7 साल की दिव्यांशी सिंघल ने एक पेंटिंग के माध्यम से जनता से पेड़ों को न काटने की अपील की। बता दें कि दिव्यांशी छुट्टियों में अपनी नानी के घर लखनऊ गई हुई थी। वहां पर घर में लगे एक पेड़ को कटता देख दिव्वयांशी रोने लगी। क्योकि दिव्यांशी ने स्कूल में पढ़ा था कि हमें जो ऑक्सीजन मिलती हैं वह इन्हीं पेड़ों से मिलती हैं और पेड़ों के कटने की वजह से ऑक्सीजन कम होती जा रही हैं।

दिव्यांशी की मां ने उसका रोना बंद करवाया और फिर उसको एक ड्रॉइंग शीट दी। और कहा- पेड़ों के कटने से उसके दिमाग में जो कुछ भी आ रहा हैं उसे इस ड्रॉइंग शीट पर बनाकर दो। दिव्वयांशी ने जो फोटो बनाई उसमें दिव्यांशी ने पेड़ों को जूते पहना रखे थे और उनको पंख भी लगा रखे थे, ताकि वह चल सके और उड़ सके। और उन्हें कटने से बचाया जा सके। क्योंकि डेवलपमेंट के नाम पर पेड़ों की कटाई की जाती हैं।

बता दें कि दिव्यांशी की मां दीप्ति सिंघल फ्रीलांसर आर्टिस्ट हैं। वह दीप्ति को आर्ट से जुड़ी बारीकियां सिखाती रहती हैं। विजेता बनने पर दिव्यांशी ने कहा- ‘मैंने पेड़ों को बचाने की थीम को इस तरह लिया कि काश पेड़ चल सके और उड़ सके ताकि उन्हें कटने से बचाया जा सके। लेकिन डेवलपमेंट के नाम पर पेड़ों को काटा जा रहा है, जिससे प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है

दिव्यांशी को प्रोत्साहन मिले, इसलिए प्रतियोगिता में भेजी गई पेंटिंग………

दिव्यांशी की मां दीप्ति ने पेंटिंग को गूगल के द्वारा आयोजित प्रतियोगिता ‘द वॉकिंग ट्री’ में यह सोचकर भेजा कि दिव्यांशी को प्रोत्साहन मिले। लेकिन जब इस प्रतियोगिता के नतीजे आए तो पता चला की इस पेंटिंग को 1.1 लाख प्रतिस्पर्धियों में से पहला स्थान प्राप्त हुआ हैं वहीं गूगल ने गुरूवार को चिल्ड्रन डे के मौके पर दिव्यांशी द्वारा बनाई गई पेंटिंग को डूडल में स्थान दिया। और इस पेंटिंग को दिनभर लोगों के द्वारा देखा गया।

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