क्या आप जानते हैं-तेलंगाना में है हनुमान की पत्नी सुवर्चला का मंदिर

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Yuva Haryana

29-03-2018

हनुमान जी के बारे में माना जाता है कि वे बाल ब्रह्मचारी माना जाता है। इसलिए मंदिरों में सजी हर फोटो, मूर्तियों में वे अकेले ही शोभित होते हैं।

आपने कभी भी अन्य देवी देवताओं की तरह हनुमान जी को पत्नी के साथ नहीं देखा होगा। लेकिन तेलंगाना के खम्मम मंदिर जाकर आपकी यह मान्यता टूट जाएगी कि हनुमान जी आजीवन ब्रह्मचारी थे और उनकी कभी शादी नहीं हुई।

जी हां, तेलंगाना के खम्मम जिले मे एक प्राचीन मंदिर है, जहां हनुमान जी अपनी पत्नी सुवर्चला के साथ विराजमान हैं। यह मंदिर हनुमान जी के विवाह का इकलौता गवाह है।

माना जाता है कि हनुमान जी जब अपने गुरु सूर्य देव से शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। उस दौरान एक विद्या जिसे सिर्फ विवाहित सीख सकते थे, सूर्य देव ने हनुमान जी के सामने शर्त रख दी थी। शर्त के अनुसार अब आगे कि शिक्षा का ज्ञान सिर्फ उन्हें दिया जा सकता है, जो विवाहित हो।

ऐसे में आजीवन ब्रह्मचारी रहने का प्राण ले चुके हनुमान जी के लिए दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो गई। शिष्य को दुविधा में देखकर सूर्य देव ने हनुमान जी से कहा कि तुम मेरी पुत्री सुवर्चला से विवाह कर लो। सुवर्चला तपस्विनी थी। हनुमान जी से विवाह के बाद सुवर्चला वापस तपस्या में लीन हो गई। इस तरह हनुमान जी ने विवाह की शर्त पूरी कर ली और ब्रह्मचारी रहने का व्रत भी कायम रहा।

हनुमान जी के विवाह का उल्लेख पराशर संहिता में भी किया गया है ।मान्यता है कि हनुमान जी के इस मंदिर में आकर जो दंपत्ति हनुमान और उनकी पत्नी के दर्शन करते हैं, उनके वैवाहिक जीवन में प्रेम और आपसी तालमेल बना रहता है और वैवाहिक जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।