डॉ. हर्षमोहन भारद्वाज हो सकते हैं HSSC के नये चेयरमैन- सूत्र

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 30 June, 2018

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन की जिम्मेदारी डॉ. हर्षमोहन भारद्वाज को सौंपी जा सकती है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को हर्षमोहन भारद्वाज चेयरमैन का पद संभाल सकते हैं।

वहीं रिटायर्ड जज दर्शन सिंह ने भर्तियों में ब्राह्मणों पर पूछे गए विवादित सवाल को लेकर जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप सकते हैं।

हरियाणा सरकार ने जांच के दौरान भारती को पद से हटा दिया था और उनकी जगह पर आईएएस दिप्ती उमाशंकर यह जिम्मेदारी संभाल रही है।

बता दें कि हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन में एक पेपर में ब्राह्मणों को लेकर विवादित सवाल पूछा गया था आपको वो भी दिखाते हैं कि ऐसा क्या सवाल था जिसको लेकर इतना विवाद हुआ था।

क्या था विवाद ?

दरअसल 10 अप्रैल को हुडा के जेई की परीक्षा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से ली गई थी, इस परीक्षा के मोर्निंग सेशन के पेपर में सवाल नंबर 75 में ब्राह्मणों के लिए विवादित सवाल पूछा गया था।

यह है वो 75वां सवाल 

निम्नलिखिति में से कौनसा अपशकुन नहीं माना गया है ?

A. खाली घड़ा                                 B. फ्यूल भरा कास्केट

C.  काले ब्राह्मण से मिलना               D. ब्राह्मण कन्या को देखना

क्या था राजनीतिक विवाद ?

इस सवाल को लेकर राजनीतिक विवाद भी बढ़ रहा है, कांग्रेस और बीजेपी नेता आपस में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगा रहे हैं। जवाहर यादव के मुताबिक जिस किताब से जाति आधारित सवाल पूछा गया है वो किताब साल 2012 में छपी थी और तब राज्य और केंद्र में कांग्रेस की सरकार की थी।

यादव ने कहा कि जिस किताब से यह सवाल लिया गया है उसमें सिर्फ ब्राह्मण ही नही, इनके अलावा दूध (यादव,जाट, गुज्जर)के काम से जुड़े लोगों के लिए भी अभद्र टिप्पणी थी। हमारी सरकार ने संज्ञान में आते ही ऐसे संभी संदर्भ सरकारी परीक्षाओं से दूर करने का आदेश दिया है। इससे पहले भी अटल सरकार के दौरान पाठ्य पुस्तकों से शहीद भगत सिंह को आतंकवादी बताने और जाटों के लिए इस्तेमाल आपत्तिजनक टिप्पणी को हटवाया गया था। हम आंख मूंदकर नहीं बैठते, ना ही इस बहस को प्राथमिकता देते कि गलती किसकी है। लेकिन कांग्रेस इससे उल्टा करती है और बार-बार फजीहत करवाती है।

चेयरमैन ने किया था खेद व्यक्त 

इसके साथ ही आयोग ने इस प्रश्न को वापस लेने का फैसला लिया है और इस संबंध में यदि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो इसके लिए खेद व्यक्त किया था।

हरियाणा सरकार ने भारती को हटाने का काम किया था, क्योंकि ब्राह्मणों के सवाल के अलावा भर्तियों में गड़बड़ी को लेकर भी विवाद चल रहा था जिसके बाद हरियाणा सरकार और राज्यपाल ने चेयरमैन भारती को पद से मुक्त कर दिया था।

 

 

 

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