करनाल के सबसे बड़े गांव में नशे में डूब रहे युवा, ग्रामीण जल्द कर सकते हैं सीएम से मुलाकात

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Yuva Haryana
Asandh, 17 June, 2018

जिले का सबसे बड़ा गांव सालवन नशे का हब बन चुका है। गांव में जगह जगह खुले शराब के अवैध खुर्दों के कारण ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। अवैध खुर्दों में बिकने वाली शराब के अलावा गांव में स्मेक , भूखी , सुल्फा आदि नशा भी बहुत तेजी से अपने पांव पसार रहा है। गांव में न केवल नशा करने वालों की संख्या बढ़ रही है बल्कि नशे का अवैध कारोबार भी फल फूल रहा है।

जिस कारण गांव का युवा वर्ग नशे की लत में पड़ कर अपना भविष्य और जीवन खराब कर रहा है। नशे की इस गम्भीर समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार प्रशासन के उच्च अधिकारियों से मिल कर गांव में नशे को रोकने की मांग कर चुके हैं लेकिन प्रशासन सिर्फ हाथ पर हाथ धरे बैठा है। शायद उन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार है।

क्या कहते हैं ग्रामीण

सालवन गांव निवासी फूल सिंह मास्टर, सोनू , नाथी राम , रखपाल , नरेश  , नक्कल , रामभूल , आशु शर्मा , अशोक राणा , दुष्यंत राणा , दीपक जयहिंद , शेखर , कृष्ण प्रजापति , रामकुमार , रणजोर , संजू मूछ , कंवरपाल ,  सुभाष , बिजेंद्र आदि ने बताया गांव में इस समय नशा बुरी तरह से फैल चुका है। गांव में चल रही कुछ करियाने की दुकानों को छोड़ कर लगभग सभी दुकानों पर शराब के अवैध खुर्दे चल रहे हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन को सब कुछ जानकारी होने के बावजूद भी उन पर कोई कार्रवाई नही हो रही है।

पुलिस अगर एक दो को पकड़ती है तो उन्हें साथ साथ जमानत पर छोड़ दिया जाता है जिस कारण वह दुकानदार दोबारा फिर शराब का अवैध कारोबार शुरू कर देता है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब के अलावा भी गांव में स्मैक , भूखी , सल्फा आदि के नशे के कारण युवा वर्ग अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे है। इस नशे के कारण न केवल गांव का माहौल खराब हो रहा है बल्कि आपसी भाईचारा भी खराब हो रहा है। जिसे अब वह किसी भी कीमत पर खराब नही होने देंगे। ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा है कि अगर जल्द ही सालवन गांव से नशे को नही रोका गया तो वह सड़कों पर उतरने में जरा भी देर नही करेंगे।

 

प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा नशे का कारोबार

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नशे का जो भी कारोबार हो रहा है वह सब प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। प्रशासन को सारी जानकारी होते हुए भी कोई कार्रवाई नही हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आस पास जितने भी होटल और ढाबे हैं सभी नशे के गढ़ बने हुए हैं। शाम होते होते यहां नशेड़ियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। सभी ढाबों पर देर रात तक नशेड़ी बैठ कर शराब व अन्य सभी प्रकार के नशे करते हैं।

वहीं गांव के बिजली घर में खण्डर पड़ी बिल्डिंग व कुछ मंदिर भी नशेड़ियों के ठिकाने है जहां नशा किया जाता है। लेकिन पुलिस प्रशासन को सब कुछ पता होते हुए भी कोई कार्रवाई नही की जाती। जबकि पुलिस का कहना है कि गांव में नशा फैल रहा है ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नही है। ग्रामिणों का कहना है कि वह जल्द ही अपनी इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री ओर एसपी से मिलेंगे ताकि गांव को बर्बाद होने से बचाया जा सके।

सालवन गांव के सरपंच मित्रपाल शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था अगर कोई ग्राम पंचायत अपने गांव में ठेका नही चाहती तो रेजुलेशन पास करके एक पत्र उन्हें भेजना होगा। हमने पत्र भेज दिया था लेकिन उसके बावजूद ठेका खोला गया। वहीं पुलिस प्रशासन की तरफ से एक पीसीआर तैनात की गई थी लेकिन उसको भी हटा लिया है ।

(Pictures shown in news are symbolic only.)

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