Home Breaking डीएसपी बन सकता हैं पानीपत का यह दंपत्ति, सबसे कम उम्र में किया था दोनों ने माउंट एवरेस्ट फतेह

डीएसपी बन सकता हैं पानीपत का यह दंपत्ति, सबसे कम उम्र में किया था दोनों ने माउंट एवरेस्ट फतेह

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 14 July, 2018

साल 2011 में पानीपत के विकास कौशिक और सुषमा कौशिक ने माउंट एवरेस्ट फतेह किया था, इन दोनों ने सबसे कम उम्र में माउंट एवरेस्ट की चोटी को फतेह कर रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन बाद में इन दोनों की सरकार ने अनदेखी कर दी, और दोनों को सरकार के वादे के अनुसार डीएसपी का पद नहीं मिला।

लेकिन अब पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला इनके पक्ष में आया है। सालों बीतने के बाद अब हरियाणा के चार पर्वतारोहियों को सरकार की तरफ से हरियाणा पुलिस में डीएसपी का पद और 21 लाख रुपये का इनाम प्रति खिलाड़ी मिलने की उम्मीद जगी है।

इन पर्वतारोहियों ने साल 2011 में माउंट एवरेस्ट फतेह कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया था, उस वक्त सरकार ने इनको डीएसपी का पद देने की घोषणा भी की थी लेकिन बाद में सरकार इन पर्वतारोहियों को भूल गई ।

हालांकि विकास कौशिक बताते हैं कि उस वक्त उनकी पत्नी और 2011 की माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली सुषमा कौशिक को सरकार ने सब इंस्पेक्टर भर्ती किया था, वहीं कपिल रुहिल को कांस्टेबल भर्ती किया था जो आज भी कांस्टेबल ही है।

पर्वतारोही विकास कौशिक ने बताया कि जिन दो पर्वतारोहियों को नौकरी दी गई थी, उनको पांच-पांच लाख रुपये नहीं दिये गए, जबकि मेरे और नरेंद्र को सरकार ने नौकरी नहीं दी और सिर्फ पांच-पांच लाख रुपये दिये थे।

आपको बता दें कि नरेंद्र बल्हारा ऐसे पर्वतारोही हैं जिन्होने करीब एक घंटे तक बिना ऑक्सीजन के रहे थे, ये एक बड़ा ही खतरनाक टास्क था। लेकिन इसके बावजूद भी सरकार ने ऐसा कुछ नहीं इन प्रतिभा दिखाने वालों के लिए नहीं किया।

इन चारों पर्वतारोहियों ने साल 2016 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इन सभी के मुताबिक पर्वतारोही ममता सौदा को हरियाणा पुलिस में डीएसपी का पद और 21 लाख रुपये दिये गए हैं, जबकि इन चारों पर्वतारोहियों को सरकार की तरफ से ऐसा कोई पद या सम्मान नहीं मिला।

माननीय पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने अब इन चारों पर्वतारोहियों की याचिका पर हरियाणा सरकार को ममता सौदा की तरह लाभ देने के आदेश दिये हैं। इस मामले में हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस में नियुक्ति पर विचार किये जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि सुनीता चौकन केस का जिक्र करते हुए कहाकि इस प्रकार के खिलाड़ियों की नियुक्ति से पुलिस बल के लिए प्ररेणादायक होगी।

वहीं हाईकोर्ट ने कपिल रुहिल की डीएसपी की नौकरी और इनाम की राशि देने की मांग को सही ठहराया है। इस फैसले के बाद कपिल रुहिल ने राहत महसूस करते हुए कहा कि इस फैसले के बाद उनमें कुछ हिम्मत आई है। उन्होने बताया कि इस पर्वतारोही खेल की वजह से उनके परिवार पर 45 लाख रुपये से ज्यादा कर्ज हो चुका है।

अब उन्होने कहा कि अगर उन्हे नौकरी और इनाम की राशि मिलती है तो उनके प्रदेश के लिए खेलने और नाम रोशन का हक मिलेगा।

 

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