लगातार घाटे में चल रही रोडवेज के कारण जानने के लिए विभाग कराएगा सर्वे

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Gourav Sagwal, Yuva Haryana

Chandigarh

हरियाणा रोडवेज हर बार घाटे में जाने की बात कहती है। इसी घाटे का पता लगवाने के लिए विभाग एक सर्वे की शुरूवात की है।

इस सर्वे में कंडक्टरों को एक फॉर्म दिया जाएगा जिसमें टिकट काटने से लेकर,पास इस्तेमाल करने वाले यात्री व किसी भी यात्री जिसे सरकारी छूट मिली हो उसे उसके टिकट काकिराया भरने का काम दिया है।

रोडवेज कर्मचारी यूनियन घाटे का कारण सरकार दवारा मुफ्त व थोड़ा किराया देकर छूट देने को बताते है।

यूनियन का कहना है कि अगर सरकार छूट देने वाली कैटेगरी के यात्रियों का पैसा रेवेन्यू में जोड़ दें, तो यूनियन को कोई नुकसान नहीं होगा।

सरकार ने रोडवेज में 27 से ज्यादा कैटेगरी बना रखी है जिसमें एमपी, एमएलए, स्टूडेंट, बुजुर्ग, पुलिसकर्मी, स्वतंत्रता सेनानी, स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी, विकलांग, पत्रकार, फोक कलाकार, सम्मानित लेखक, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी, स्टेट पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी, रक्षा बंधन पर महिलाओं और 15 साल तक के बच्चों को छूट देती है।

परिवहन विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी धनपत सिंह ने इस सर्वे द्व्रारा विभाग के घाटे को दूर करने का सही कारण पता लगाने कि बात की है। जिसमें पास व छूट जैसी अन्ये सेवाओं के साथ ई-टिकटिंग पर भी ध्यान दिया जाएगा।

बता दें कि कई साल से हो रहे घाटे के कारण परिवहन विभाग काफी चिंता में है। एक आरटीआई के अनुसार 2012-13  में रोडवेज के 23  डिपो का घाटा 284  करोड़,81 लाख, 19 हजार रुपये था।  जो 2013-14  में बढ़कर 402 करोड़, 78 लाख, 66 हजार रुपये हो गया। 2014-15  में 502  करोड़, 82 लाख, 18 हजार तक जा पहुंचा।2015-16  में घाटा थोड़ा कम होकर 486  करोड़,  61 लाख हो गया। पर 2016-17  में घाटा बढ़कर  597  करोड़,  72 लाख,  95 हजार रुपये हो गया।

 

 

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